जम्मू-कश्मीर में तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन और अलगाववादी नेता मोहम्मद अशरफ सेहराई का बेटा पिछले दो दिनों से लापता है। खबर आ रही है कि वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ जुड़ गया है। इस खबर ने पूरे कश्मीर में सनसनी मचा कर रख दी है। हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में अभी कोई बयान नहीं आया है।
बता दें कि अलगवादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने सोमवार को तहरीक-ए-हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले 18 साल से इस पद पर बने हुए थे। उनकी जगह अब सेहराई को इस संगठन का चेयरमैन बनाया गया।
सेहराई का बेटा जुनैद अशरफ शुक्रवार से ही गायब था। परिवार वालों के मुताबिक जुमे की नमाज के बाद से ही वो लापता था। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद भी जब वो वापस नहीं आया तो पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
आज अचानक से जुनैद की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमें वह बंदूक लिए दिखाई दे रहा है। तस्वीर में जुनैद का नाम, पिता का नाम, कोड़ नेम, पता इत्यादि चीजें भी लिखी हैं। जुनैद की इस तस्वीर को देख कर अटकलें लगाई जा रही है कि वो आतंकी संगठन से जुड़ गया है।
जबकि सूत्रों के माने तो जुमे के दिन ही उसने हिजुबल का दामन थाम लिया है। इसके साथ ही उसे अमार भाई का कोड भी दिया जा चुका है। हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में अभी कोई पुष्टि नही की गई है।
एमबीए तक पढ़ा है जुनैद
सेहराई का बेटा जुनैद अशरफ कश्मीर यूनिवर्सिटी से एमबीए तक पढ़ा है। जुनैद की उम्र लगभग 30 साल की है। गौरतलब है कि अलगाववादी नेता के बेटे के आतंकी संगठन से जुड़ने को एक गंभीर तरीके से देखा जा रहा है। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।
डीजीपी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद ने जुनैद के आतंकी बनने की खबरों की फिलहाल कोई पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि हम इस मामले में जांच कर रहे हैं लेकिन अगर ये सच है तो ये काफी दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि मैं सेहराई से अपील करता हूं कि वो अपने बेटे के साथ घाटी के अन्य बेटों को भी हिंसा का मार्ग छोड़ने की अपील करें।