नेकां अध्यक्ष सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में स्वायत्तता से ही सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। भारत और पाकिस्तान को राजनीतिक स्तर पर कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए पहल करनी चाहिए। उत्तरी कश्मीर में एलओसी दौरे के दौरान केरन कुपवाड़ा में लोगों से रूबरू होते हुए डा. फारूक ने कहा कि बार्डर बदल नहीं सकते हैं।
लेकिन दोनों ओर के लोगों के बीच व्यापार सहित अन्य चीजों का आदान प्रदान करके सोच को बदला जा सकता है। दोनों मुल्कों के नेतृत्व को एलओसी से सटे पारंपरिक रास्तों को दोबारा खोलने के प्रयास तेज करने चाहिए। दोनों न्यूक्लियर ऊर्जा की क्षमता वाले देशों को मिल्ट्री से समस्याओं का समाधान नहीं करना चाहिए। सीमा पर तनाव से दोनों ओर से लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ा है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य को विभाजन करने वाली ताकतों के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया। अनुच्छेद 35ए पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र के लोग इस मसले पर एकजुट हैं। यह राज्य की जनता के हितों की लड़ाई है। नेकां राज्य के हर क्षेत्र में पहुंचकर लोगों से जुड़ रही है। इस दौरान चौधरी मोहम्मद रमजान, नासिर असलम वानी, कौसर जमशेद लोन, नासिर खान आदि मौजूद रहे।