कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल सेना के नायक की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच आतंकियों को मार गिराने वाली टीम के वह सदस्य थे।
घायल जवान गवाडे पांडुरंग महादेव को 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर को महाराष्ट्र के सिंदुदुर्ग जिले स्थित पैतृक गांव भेजा जाएगा।
नार्दर्न कमांड के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने जवान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में देश उनके बलिदान को हमेशा याद करेगा। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार को हर संभव सहायता देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
ज्ञात हो कि द्रुगमुला में दस घंटे चली लंबी मुठभेड़ में जैश के पांच आतंकियों को मार गिराया गया था। इसके साथ ही तीन जवान घायल हुए थे। उधर, मुठभेड़ में मारे गए पांच आतंकियों के जनाजे के दौरान उपद्रव की आशंका में प्रशासन ने शनिवार की मध्य रात्रि से ही इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी थीं।
पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ऐसा एहतियातन किया गया था ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैले। पांचों आतंकियों के जनाजे के बाद कुपवाड़ा जिले के द्रुगमुला में स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि पांचों युवाओं को एक सप्ताह पहले मारा गया है।
मुठभेड़ के दौरान जिस मकान में आतंकियों के छिपने की बात कही जा रही है वह पूरी तरह ध्वस्त हो गया, लेकिन इन युवाओं के शरीर पर गोलियों के कोई निशान नहीं हैं। इन्हें 6-7 दिन पहले मारा गया है और यहां लाकर मुठभेड़ दिखाने की कोशिश की गई। उनका आरोप था कि सेना ग्रामीणों की ली गई जमीन वापस नहीं करना चाहती है। इस वजह से यह ड्रामा किया गया।