रियासत में मौसम बिगड़ चुका है। चौबीस फरवरी तक रियासत में कहीं-कहीं भारी बारिश व बर्फबारी का अनुमान है। मौसम विभाग ने भूस्खलन व हिमस्खलन की चेतावनी दी है। रियासत में रविवार देर रात से ही मौसम बिगड़ गया।
सोमवार सुबह से शाम तक कश्मीर से लेकर जम्मू संभाग के कई हिस्सों में बर्फबारी और हुई। सबसे ज्यादा बारिश कुपवाड़ा में 20.5 मिमी दर्ज की गई। काजीगुंड में 11.0 मिमी, गुलमर्ग में 7.2 मिमी, श्रीनगर में 11.1 मिमी, पहलगाम में 9.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बनिहाल में 12.6, कटड़ा में 7.6 व जम्मू में 3.2 मिमी बारिश हुई। उधर, नत्थाटाप में बर्फबारी, गुलमर्ग में चार इंच बर्फ बारी हुई। कटड़ा व पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने से माता वैष्णो देवी की चापर सेवा पर आंशिक असर पड़ा। रामबन व उधमपुर में तेज बारिश हुई।
चिनैनी व पत्नीटाप में ओले भी गिरे। जम्मू में दोपहर बाद अच्छी बारिश हुई। कठुआ में बारिश व पर्वतीय इलाके बनी में बर्फबारी, बिलावर के मैदानी इलाकों में बारिश, सेरी गला, कमलू गला में बर्फबारी हुई। राजोरी के बुद्धल, दरहाल, थन्नामंडी, कोटरंका तहसीलों के पर्वतीय क्षेत्रों में दस इंच बर्फबारी और बारिश हुई।
मौसम विभाग ने भूस्खलन व हिमस्खलन की चेतावनी दी
राजोरी, पुंछ व जम्मू संभाग को जोड़ने वाले मुगलरोड पर डेरा की गली, पीर की गली, चंडीमड़, छत्तापानी में दो से तीन फीट बर्फबारी हुई। किश्तवाड़ व भद्रवाह के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।
लेह का न्यूनतम तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस एवं कारगिल का न्यूनतम तापमान माइनस 7.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। पर्वतीय इलाके पहलगाम, सोनमर्ग, जोजिला पास, राजधान पास, सिंथन टॉप में बर्फबारी का सिलसिला जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार एक सप्ताह तक कश्मीर के साथ-साथ जम्मू और लद्दाख क्षेत्रों में मौसम के मिजाज बिगड़े रहेंगे। मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया कि 16 से 24 फरवरी तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
भूस्खलन और हिमस्खलन की आशंका के चलते कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्र बांडीपोरा व कुपवाड़ा जिले के लोगों को खासकर सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। खराब मौसम के चलते हवाई और सड़क यातायात भी प्रभावित हो सकता है।