जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को तीसरे दिन भी बंद रहा। रामबन के डिगडोल क्षेत्र में देर शाम तक राजमार्ग से पस्सी हटाने में सफलता नहीं मिल पाई। हाईवे बंद होने से दोनों ओर से करीब तीन हजार छोटे-बड़े वाहन फंसे हैं। इस बीच राजोरी और पुंछ जिले को शोपियां (कश्मीर) से जोड़ने वाला मुगल रोड भी छठे दिन बंद रहा।
जम्मू श्रीनगर हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार, 14 नवंबर की रात से 16 नवंबर तक जम्मू, कश्मीर और कारगिल के पर्वतीय क्षेत्रों में दोबारा बर्फबारी के आसार हैं।
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इससे पहले शनिवार देर रात बारामुला जिले के गुलमर्ग के ऊपरी इलाके अफ रवट में हिम्मत पोस्ट के करीब आए हिमस्खलन में सेना के साथ काम करने वाले दो पोर्टर दब गए। भीषण बर्फबारी के कारण चॉपर से ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। 10 नवंबर को चॉपर से बचाव दल भेजकर अभियान चलाया गया।
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सोमवार तड़के दोनों पोर्टर के शव बरामद किए गए। इनकी शिनाख्त बारामुला जिले के उड़ी के बनाली बोनियार के इशफ ाक अहमद और सज्जाद अहमद के तौर पर हुई है। दोनों सेना की 11 गढ़वाल राइफ ल्स के साथ पोर्टर के तौर पर काम कर रहे थे। सात नवंबर को भारी बारिश और बर्फबारी में सात लोगों की मौत हो गई थी।
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उधर, डीएसपी ट्रैफिक नेशनल हाईवे, रामबन सुरेश शर्मा के अनुसार डिगडोल क्षेत्र में गत दिवस पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा राजमार्ग पर आ गया था, जिसे हटाने के लिए श्रम और मशीनरी लगाई गई है। हाईवे बंद होने से उधमपुर, रामबन सहित राष्ट्रीय राजमार्ग के अन्य हिस्सों में हजारों वाहनों को रोका गया है। जवाहर टनल पर कश्मीर की तरफ से हुई बर्फबारी भी हाईवे खोलने में चुनौती बन गई है।