पशु तस्करों के हुजूम ने पुलिस और प्रशासन पर हमला बोल दिया। इसमें नगरोटा पुलिस स्टेशन के एसएचओ समेत 7 से 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। तस्करों की संख्या इतनी थी कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि एक भी तस्कर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका। जबकि हमला करने वालों की संख्या 40 के आसपास थी। यह घटना रविवार रात 1 बजे के करीब नगरोटा बन टोल प्लाजा पर हुई।
जानकारी के अनुसार जम्मू के एडीसी राकेश दुबे और एसएचओ नगरोटा के नेतृत्व वाली टीम ने बन टोल प्लाजा पर नाका लगाया हुआ था। तभी रात के 1 बजे के करीब 35 से 40 लोग मवेशियों को पैदल ही लेकर उधमपुर की तरफ जा रहे थे। पुलिस ने इनको रोका और मवेशियों को ले जाने की अनुमति का दस्तावेज दिखाने को कहा। इस पर वह लोग भड़क गए और सभी लोगों ने लाठियों से पुलिस टीम और प्रशासन पर हमला बोल दिया। तस्करों की तादाद और आक्रोश इस कदर था कि पुलिसकर्मी तक वहां से जान बचाने के लिए भागने को मजबूर हो गए। जबकि नगरोटा के एसएचओ विश्व प्रताप वहीं पर डटे रहे। दोनों तरफ से जमकर बवाल और लाठियां चलने लगी।
इसी में एसएचओ और 7 से 8 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। अफरा तफरी के माहौल औरर रात का फायदा उठाकर सभी लोग मौके से फरार हो गए और अपने बहुत से मवेशियों को भी ले गए। पुलिस सिर्फ 8 से 10 मवेशियों को भी पकड़ पाई। वहीं पुलिस ने इसे लेकर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस पर हमला और अवैध रूप से मवेशियों को ले जाने का मामला दर्ज करते हुए पुलिस कार्रवाई कर रही है।
नगरोटा के एसएचओ विश्व प्रताप का कहना है कि तस्करों की संख्या काफी ज्यादा थी। रात का समय होने के कारण वह लोग फरार हो गए। सब लोगों के पास लाठियां थीं, जिन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया। केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।