केंद्र सरकार की ओर से खानपुर जगती नगरोटा में स्लाटर हाउस प्रोजेक्ट लगाना तय किया गया है। इसके लिए बीस करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं।
इसके बावजूद अभी तक प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया जा सका है। इसमें कई अड़चनें आ रही हैं। शहर में वर्तमान में दो बूचड़खाने चल रहे हैं, जिन्हें शहर से बाहर करने की योजना है।
ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। शहर के लोगों की भी मांग है कि बूचड़खाने शहर से बाहर होने चाहिए।
20 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
गौरतलब है कि स्लाटर हाउस प्रोजेक्ट नगर निगम का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। शहर के दो स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंदगी को दोबारा से अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक के साथ बनाए जाने वाले स्लाटर हाउस को लेकर भी कई अड़चनें पैदा हो गई हैं। निगम लगातार लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा है और दावा कर रहा है कि जल्द केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित स्लाटर हाउस को अमल में लाया जाएगा।
20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रोजेक्ट के लिए जगती, खानपुर नगरोटा में जगह है। करीब दो माह पहले प्रोजेक्ट लगाने के वक्त वहां के स्थानीय लोगों ने नेशनल हाइवे जाम कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
वेस्ट को भी होगा दोबारा इस्तेमाल
इसके बाद नगर निगम कमिश्नर ने लोगों को समझाया कि एयर कंडीशन स्लाटर हाउस होगा। इसमें बकरे के सारे वेस्ट मैटीरियल को अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाएगा।
इस तरह से वेस्टेज नहीं निकलेगी। प्रोजेक्ट की जगह भी काफी ऊंचाई पर है। नगर निगम कमिश्नर किरण बातल के अनुसार लोगों को विश्वास में लिया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि स्लाटर हाउस से उन्हें किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने कहा यह बात भी साफ है कि इस प्रोजेक्ट में किसी के निजी स्वार्थ के लिए किसी को भी अड़चन नहीं डालने दी जाएगी।