किस बीमारी में किस फल फूल का सेवन
पिपरमेंट के पत्ते और फूलों का सेवन तेज दर्द में पेनकिलर के रूप में किया जा सकता है। गोली लगने और सांप के काटने में वेल विदाका के फूल और चंदन के पत्तों से निकाला गया रस तेजी से घाव को भरता है। साथ ही शरीर में जलन भी दूर करता है। पशान भेड़ा का प्रयोग किडनी रोग या कैल्शियम की कमी में, कलीहारी को चर्म रोग और आग से जलने या घाव में प्रयोग में लाया जा सकता है।
चिरायता से चर्म रोग का इलाज और घाव भी भरता है। आंवला कफ और डायबिटीज दूर करता है। अशोक के फल से भी डायबिटीज से राहत मिलती है। अश्वगंधा शारीरिक कमजोरी दूर करता है। बेल डायरिया में रामबाण है। गुलूची का सेवन बुखार में किया जा सकता है। पीपली के नियमित प्रयोग से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सेना के कहने पर फल, फूल, बीज और पत्तों पर रिसर्च की गई है। सीमावर्ती इलाकों में बीमारी होने पर इनके सेवन से छुटकारा पाया जा सकता है। घाव होने या तेज दर्द में भी फूलों के पत्ते, बीज राहत देंगे। शोध को सैन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया है। जवानों को इस संबंध में जागरूक भी किया जाएगा। -प्रो. विनोद के. बाली, हेड डिवीजन फ्रूट साइंस, शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नॉलोजी