केंद्रीय मंत्री डा. नजमा हेपतुल्ला ने बुधवार को कश्मीर विश्वविद्यालय, शाह-ए-हमदान मेमोरियल ट्रस्ट पांपोर और को टेक आईटी एजुकेशनल ट्रस्ट श्रीनगर में पहले कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया, ताकि बीपीएल मुस्लिम लड़कियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान की जा सके।
कौशल विकास केंद्र को मौलाना आजाद नेशनल एकेडमी फॉर स्किल्स के तहत स्थापित किया जा रहा है। अल्पसंख्यक युवकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए दिल्ली में 11 नवंबर 2015 को मौलाना अबुल कलाम आजाद की 125वीं जयंती पर मानस की शुरुआत की गई थी।
बिहार और मुंबई के बाद जम्मू-कश्मीर तीसरा राज्य है, जहां मानस के तहत कौशल विकास केंद्रों की स्थापना अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा की गई है।
‘समावेशी विकास को कौशल प्रशिक्षण जरूरी’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्किलिंग की भूमिका आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को विशेष रूप से लड़कियों के समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए है।
उन्होंने कहा कि मानस की स्थापना प्रधानमंत्री की परिवर्तनकारी दृष्टि के साथ लाइन में है और कुशल भारत को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कौशल विकास केंद्रों द्वारा क्षेत्र विशेष प्रशिक्षण प्रदान की जाएगी और सभी प्रशिक्षुओं का रोजगार सुनिश्चित होगा।
वहीं जम्मू-कश्मीर के लिए उन्होंने कहा कि इन केंद्रों द्वारा केसर प्रसंस्करण, पारंपरिक कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, हस्तशिल्प, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक हार्डवेयर, प्लंबिंग और अन्य संबंधित क्षेत्रों में विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।