अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्केटिंग और रोल बॉल के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। एमए स्टेडियम में पुराने इंडोर हाॅल के पास स्केटिंग रिंक और रोल बॉल कोर्ट बनकर लगभग तैयार है। इसे नया रूप देने में 23 लाख रुपये की लागत आई है। पांच लेयर एक्रेलिक वाली रिंक इस महीने के अंत तकखिलाड़ियों के लिए खुल जाएगी।
स्केटिंग रिंक फ्लोरिंग और रोल बॉल कोर्ट में लगे स्टोन खराब हो गए थे। प्रशिक्षण और मैच खेलते समय खिलाड़ियों को चोट लगती थी। इसे देखते हुए कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने पुनर्विकास का फैसला लिया था। लगभग पांच महीने से भी ज्यादा समय तक चले निर्माण एवं मरम्मत कार्य के बाद अब खिलाड़ियों को रोल बॉल कोर्ट और स्केटिंग रिंक की सौगात मिलने जा रही है। इसके बाद यहां खेल गतिविधियों का नियमित आयोजन हो सकेगा।
स्केटिंग रिंक को तय गाइडलाइन के हिसाब से तैयार किया है। खिलाड़ियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की मेजबानी को ध्यान में रखते हुए इसमें पांच लेयर ऐक्रेलिक लगाई गई हैं। इसमें बेस कोट, लेवलिंग लेयर, कुशन लेयर, कलर कोट और टॉप कोट है। टॉप कोटिंग सतह को चमकदार, मजबूत और फिसलनरोधी बनाती है। इससे स्केटिंग करते समय खिलाड़ी फिसलने से बचते हैं।
जम्मू-कश्मीर रोल बॉल एसोसिएशन के महासचिव मधु शर्मा ने कहा कि खिलाड़ियों का प्रशिक्षण अब अधिक प्रभावित न हो, ऐसे में काउंसिल को शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा करना चाहिए। रोल बॉल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुविधा सरीन, हितेश्वर सिंह ने कहा कि बिना कोर्ट के प्रशिक्षण करना काफी चुनौती वाला काम है। रोल बॉल कोर्ट का पुनर्विकास हुआ जो अच्छी बात है, लेकिन जल्द इसे खिलाड़ियों के लिए खोला जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल में एक्सईएन संजीव शर्मा ने कहा कि स्केटिंग रिंक और रोल बॉल कोर्ट लगभग पूरा तैयार है। इसे जल्द खिलाड़ियों को समर्पित किया जाएगा।
मजबूत, टिकाऊ एवं साफ करने में आसान है कोटा स्टोन
रोल बॉल कोर्ट में कोटा से लाए गए स्टोन यानी पत्थर इस्तेमाल किया गया है। इससे कोर्ट मजबूत और टिकाऊ बना रहता है। इसको साफ करना आसान होता है। इसकी सतह पर कीचड़ जल्दी नहीं जमता। यह एक्रेलिक या सिंथेटिक कोर्ट की तुलना में काफी सस्ता विकल्प होता है। इसकी सतह पर थोड़ी रफनेस होती है, जिससे रोल बॉल खेलने में पकड़ बनी रहती है।