मीरां साहिब में रविवार रात मुठभेड़ में अशप्रीत सिंह उर्फ जानू की मौत की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की है। एसडीपीओ आरएस पुरा गुरमीत सिंह टीम का नेतृत्व करेंगे। इसमें चार थानों के एसआई को शामिल किया गया है। जानू की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
एसपी मुख्यालय अन्हा सिन्हा ने कहा कि रविवार को नशा तस्कर व हिस्ट्रीशीटर अभिनीत उर्फ नागी के बारे में इनपुट मिले थे। उसे दबोचने के लिए पुलिस ने मीरां साहिब में नाका लगाया था। बाइक सवार दो लोगों को जब रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। पुलिस टीम ने थोड़ी दूर तक पीछा किया तो बाइक सवार नागी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बाइक चला रहे अशप्रीत का संतुलन बिगड़ गया और वह नहर में जा गिरा। नागी फरार हो गया। एसपी ने बताया कि घायल जानू को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस पर फायरिंग हुई है। मुठभेड़ स्थल से खोखे बरामद हुए हैं। मौके से पुलिस को एक बैग भी मिला है जिसकी जांच की जा रही है। नागी को पकड़ने के टीमें लगी हैं। मुठभेड़ में मारे गए जानू के शव का मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया है। मृतक के परिवार की मांग पर एसएसपी जोगिंद्र सिंह ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।
लगातार नागी के संपर्क में था जानू
एसडीपीओ गुरमीत सिंह ने कहा कि नागी एक कुख्यात अपराधी होने के साथ-साथ नशा तस्कर भी है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 13 एफआईआर दर्ज हैं। जानू पर भी तीन एफआईआर हैं। जानू लगातार नागी के संपर्क में था। मीरां साहिब इलाके में सीसीटीवी में जानू और नागी साथ दिखे थे। नागी पिछले दो महीने में तीन बार पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ है। वह किसी दूसरे गैंगस्टर को मारने की फिराक में था। नागी कुछ समय पहले ही गुरदासपुर (पंजाब) की जेल से रिहा हुआ है।