आतंकी घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील रहे भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे दरियाई नालों पर सुरक्षा तंत्र की घेराबंदी बढ़ा दी गई है। पठानकोट स्थित एयरबेस पर फिदायीन हमले के बाद से तो सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा की गई है।
सीमा पर बीएसएफ पहले से ज्यादा अलर्ट हो गई है तो भीतरी इलाकों में पुलिस और सेना ने दरियाई नालों पर स्थायी और मोबाइल नाकेबंदी कर दी है।
बीएसएफ के बाद चूंकि दूसरी और तीसरी पंक्ति की सुरक्षा का जिम्मा सेना और पुलिस के पास है, इस लिहाज से जम्मू संभाग के सांबा और खासकर कठुआ जिले में नए स्थानों का चयन कर नाकों को एक्टिवेट कर दिया गया है।