कोरोना संक्रमण की वजह से श्री अमरनाथ यात्रा पर असमंजस बरकरार है। यात्रा शुरू होने की तिथि 28 जून है। लेकिन अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। इसको लेकर सबलो ने श्राइन बोर्ड पर हमला बोला है।
श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रदेश सरकार व श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड से स्थिति साफ करने की अपील श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान भंडारे लगाने वाली संस्थाओं के संगठन सबलो ने की है। सबलो के महासचिव राजन गुप्ता ने कहा कि यात्रा शुरू होने में सिर्फ एक महीने का समय रह गया है। लेकिन बोर्ड का रवैया देखकर तो लगता है कि वह चिर निद्रा में है।
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कहा कि देश भर के विभिन्न राज्यों से लगभग 115 संस्थाएं यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार की सेवा यात्रियों को देती हैं। जैसे भंडारा, चिकित्सा शिविर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि। यह सभी एनजीओ यात्रा के प्रमुख हितधारक हैं। किसी भी संस्था को बोर्ड की ओर से अब तक अनुमति पत्र भी प्राप्त नहीं हुए हैं। जबकि बोर्ड पिछले वर्षों में अप्रैल में ही अनुमति पत्र भेजा दिया करता था। इसके अलावा अस्थायी रूप से रोके गए तीर्थ यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को न तो फिर से शुरू किया गया है और न ही इस संबंध में कोई घोषणा की गई है।
यात्रा शुरू होने की तिथि 28 जून है, जिसमें लगभग एक महीने का समय बचा है। अगर बोर्ड समय पर लोगों को अनुमति पत्र भेजता है तो वह अपने सभी सेवादारों की नियुक्ति कर उनका पुलिस से सत्यापन करा सकेंगे। इसके बाद बोर्ड को सेवादारों के पहचान कार्ड भी बनवाने होंगे। वहीं गैर सरकारी संगठनों को यात्रा शुरू होने की तिथि से दस दिन पहले आधार शिविरों में पहुंचना आवश्यक होता है। शेड लगाने के लिए सेवादारों की व्यवस्था, भंडारा लगाने की पूरी व्यवस्था करनी पड़ती है। ऐसे में बोर्ड के चेयरमैन उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा को व मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीतीश्वर कुमार को यात्रा पर स्थिति साफ करनी चाहिए।