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श्रीमद्भागवत कथा से बताया जीवन का मूल मंत्र

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कोहग में आयोजित श्रीमद् भगवत कथा का श्रवण करते श्रद्धालु, संवाद। - फोटो : KATHUA
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बिलावर। उपमंडल के कोहग गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को आराध्या देवताओं का आवाहन, स्थापना और विधि विधान के साथ पूजा की गई।
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कथावाचक कुलदीप शास्त्री ने कथा सुनने पहुंची महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा ग्रंथ है जिसके अध्ययन और श्रवण के पश्चात किसी अन्य ग्रंथ के अध्ययन की आवश्यकता नहीं रह जाती। इस मौके पर कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं ने देवी देवताओं से अपने परिवार और क्षेत्र की सुख समृद्धि के लिए कामना की।
प्रवचन के दौरान कथा वाचक कुलदीप शास्त्री ने कहा कि मानव का खानपान के साथ आचार विचार में सात्विक होना जरूरी है। मांस को त्याग कर शाकाहार को अपनाएं, एक दूसरे के साथ प्रेम का भाव रखें। यही जीवन का मूल मंत्र है। जो मानव गरीबों को दान देता है, वह श्रेष्ठ मानव कहलाता है। हर एक व्यक्ति को समाज के उत्थान के प्रति कार्य करना चाहिए। समाज के उत्थान के लिए जो निस्वार्थ भाव से काम करता है, उससे भगवान भी प्रसन्न होते हैं।
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इस मौके पर श्रद्धालुओं के धार्मिक जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। पंचायत के सरपंच अमरीक सिंह ने बताया कि गांव में श्रावण मास के उपलक्ष में श्रीमद्भागवत सप्ताह का आयोजन किया गया है। 2 अगस्त को कथा आरंभ की गई है, जो 8 अगस्त को विशाल भंडारे के साथ संपन्न की जाएगी।
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