कश्मीर में अलगाववादियों पर शिकंजा कसने की कवायद में एक और बड़ा कदम उठा है। कश्मीर में अलगाववादियों को आतंकी फंडिंग की जांच शुरू होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
गिलानी को ये नोटिस फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के उल्लंघन के मामले में जारी किया गया है। मामला साल 2002 का है जब कि अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के घर पर छापे के दौरान आयकर विभाग को 10 हजार डॉलर की राशि बरामद हुई थी।
इस राशि के बरामद होने के बाद गिलानी को नोटिस जारी किए गए। इनकम टैक्स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के नोटिसों को बावजूद गिलानी पूछताछ में नहीं गए। इस क्रम में मार्च 2017 में एक बार फिर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद गिलानी के वकील ने लिखित जवाब देते हुए कहा कि आयकर विभाग की छापेमारी में कोई विदेशी मुद्रा नहीं मिली थी। गिलानी के वकील के इस जवाब से एजेंसियां संतुष्ट नहीं हुई हैं जिसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।