श्रीनगर के सांसद तारिक हमीद कर्रा के इस्तीफे से उठे बवंडर के बीच पीडीपी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है।
पार्टी के असंतुष्टों पर नजर रखने का जिम्मा महबूबा ने अपने सिपहसालारों को सौंपा है। सभी प्रमुख नेताओं तथा विश्वासपात्रों को श्रीनगर में कैंप करने को कहा गया है।
शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर जो जम्मू में थे, उन्हें भी श्रीनगर बुला लिया गया है। शुक्रवार को उनका यहां रहने का कार्यक्रम था, लेकिन, संदेश मिलने के बाद वे दोपहर बाद श्रीनगर चले गए।
कर्रा के करीबियों की गतिविधियों पर पार्टी की नजर
पीडीपी की अध्यक्षता महबूबा मुफ्ती
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पार्टी ने यह रणनीति बनाई है कि कर्रा के मुद्दे को ज्यादा तूल न दिया जाए। लेकिन, असंतुष्टों पर पैनी निगाह रखी जाए।
कर्रा के करीबियों पर और उनकी गतिविधियों पर हर पल नजर रखी जाए। ऐसे लोगों पर निगाह रखने के लिए अलग-अलग लगाए गए सिपहसालारों से कहा गया है कि वे इनके बीच रहें। उन्हें समझाने की कोशिश भी करें ताकि बगावत की चिंगारी और न भड़कने पाए।
सूत्रों के अनुसार अब्दुल रहमान वीरी, अब्दुल हक खान, नईम अख्तर, मुजफ्फर हुसैन बेग, सरताज मदनी को प्रमुख रूप से लगाया गया है।
'कर्रा के जाने से पीडीपी को नुकसान नहीं'
सीएम महबूबा मुफ्ती
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इसके साथ ही कुछ अन्य मंत्रियों और विश्वासपात्र जो पार्टी के पदाधिकारी हैं, उन्हें भी इस काम में लगाया गया है। महबूबा स्वयं भी स्थिति पर बारीक से नजर रखे हुए हैं।
राजनीतिक सलाहकार के साथ ही अन्य शुभचिंतकों से भी बदले घटनाक्रम पर बात की जा रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ मंत्री और महबूबा के करीबी ने बताया कि कर्रा के जाने से पार्टी को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। सब कुछ संभाल लिया जाएगा। कार्यकर्ताओं का पार्टी के प्रति विश्वास है। सब पार्टी के साथ हैं।