दूसरी ओर दविंदर सिंह के रिश्तेदारों के घर भी तलाशी अभियान चलाया गया। पता लगाने की कोशिश की गई कि कहीं उसने हथियार और पैसे बगैरह तो नहीं छिपाए थे। जांच में जुटीं एजेंसियां आईबी व रॉ भी डीएसपी और हिजबुल कमांडर से पूछताछ कर आतंकियों से कनेक्शन खंगालते रहे। दक्षिणी कश्मीर में कई स्थानों पर छापा मारा गया। दविंदर सिंह से पूछताछ और उसके ठिकानों पर छापेमारी में कई चौंका देने वाले तथ्य सामने आए हैं।
डीएसपी के घर तलाशी में सेना की 15 कोर का फुल लोकेशन मैप मिला है। सेना का मैप मिलने से आशंका जताई जा रही है कि सेना की कई जानकारियां आतंकियों और पाकिस्तान तक पहुंच सकती है। साथ ही साढ़े सात लाख रुपये कैश बरामद किया है। संभव है कि यह पैसा हवाला का हो।
दरअसल, डीएसपी की दो बेटियां बांग्लादेश में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। ऐसे में जांच एजेंसी को शक है कि बेटियों की पढ़ाई का खर्च हवाला के पैसे से हो रहा है। डीएसपी को दविंदर सिंह को 2018 में जम्मू और कश्मीर के सर्वोच्च पुलिस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि इस मामले की तमाम एजेंसियां जांच कर रही हैं। सही समय पर इस मामले की जांच की जानकारियां साझा की जाएंगी। अब तक की जांच यही है कि वह आतंकियों के लिए काम कर रहा था। पाकिस्तान से कनेक्शन की बात अभी सामने नहीं आई है। लेकिन सभी पहलुओं पर जांच चल रही है।
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उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई रियायत नहीं होगी। आतंकी की मदद करने वाले को आतंकी समझ कर उसके खिलाफ तय कानून के तहत कार्रवाई होगी। इस मामले में जो भी शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। दविंदर सिंह को दविंदर खान जैसे नाम देने पर सांप्रदायिक माहौल खराब करने,कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों द्वारा इस मामले को लेकर दिए गए बयानों पर डीजीपी ने कहा कि वह इन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।