पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला
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जम्मू में परिसीमन आयोग को दिए गए नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रस्ताव को भाजपा की मांगों के अनुरूप बताकर हो रही आलोचनाओं का पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने पटाक्षेप किया। कहा कि केंद्रशासित प्रदेश के दोनों क्षेत्रों के मुद्दे एक-दूसरे से अलग हैं। पार्टी की जम्मू इकाई द्वारा पेश किए गए अलग मुद्दों से लोगों को चिंतित नहीं होना चाहिए।
ज्ञात हो कि पीपुल्स कांफ्रेंस ने सवाल खड़ा किया था कि नेकां जम्मू में कुछ और कश्मीर में कुछ और कहती है। जम्मू में सौंपे गए प्रस्ताव भाजपा की मांगों का समर्थन करते हैं। अपनी मां बेगम अकबर जहां की 21वीं बरसी के मौके पर उनकी कब्र पर फूल चढ़ाने के बाद पत्रकारों से कहा कि जम्मू में आयोग को दिए गए पार्टी के प्रस्तावों से चिंतिंत होने की जरूरत नहीं है।
निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए नए मानदंड तैयार करने में भाजपा की मांगों के अनुरूप प्रस्ताव को लेकर हो रही आलोचना पर कहा कि जम्मू के मुद्दे अलग हैं जबकि कश्मीर की समस्याएं अलग। आपको चिंता किस बात की है? अफगानिस्तान की स्थिति का कश्मीर पर प्रभाव संबंधी सवाल पर कहा कि उनकी ईश्वर से प्रार्थना है कि उस देश में शांति आए। अफगानिस्तान अलग देश है। ईश्वर वहां शांति बख्शे और वहां के लोगों के लिए जो सही हो, वह करे।
मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मेरा अफगानिस्तान के साथ कोई संबंध नहीं है। इससे पहले उन्होंने अपने बेटे एवं नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला तथा पार्टी के अन्य नेताओं के साथ बेगम अकबर जहां (नेकां के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की पत्नी) के मकबरे पर जाकर फू ल चढ़ाए। नेकां नेताओं ने वहां विशेष प्रार्थनाएं भी कीं।