श्रीनगर की जैसे ही कटड़ा में भी शंकराचार्य मंदिर का निर्माण किया जाना है। शनिवार को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने कटड़ा से सटी पहाड़ी पर स्थित निर्माणाधीन शंकराचार्य मंदिर की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कटड़ा में श्री माता वैष्णो देवी के पवित्र तीर्थ के दर्शन करने वाले यात्रियों के लिए निर्माणाधीन शंकराचार्य मंदिर का जीर्णोद्धार न केवल एक और आध्यात्मिक गंतव्य बनाएगा, बल्कि कटड़ा की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही पहाड़ी के पर्यावरण उन्नयन के साथ क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और इसे प्राकृतिक स्थलाकृति के साथ बेहतरीन पर्यावरणीय स्थानों में से एक बनाना बोर्ड का मुख्य उद्देश्य है। विभिन्न क्षेत्रों से शंकराचार्य मंदिर के विकास की मांग और उपराज्यपाल के निर्देशानुसार सीईओ ने पहाड़ी पर वर्तमान संरचना की व्यापक स्थिति की समीक्षा की। इसमें शंकराचार्य मंदिर की ओर जाने वाले ट्रैक का काम भी शामिल है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना में टाइलिंग, बेसमेंट हॉल, आदि का निर्माण शामिल है। सीईओ ने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि वह लोक निर्माण विभाग से मंदिर, आवास और अन्य सुविधाओं के निर्माण की मूल योजना तैयार करे। ट्रैक के साथ और हिल वॉक शंकराचार्य मंदिर में बनाया जाएगा। सीईओ ने पानी और बिजली आपूर्ति कनेक्शन की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति के बारे में भी पता लगाया, और इंजीनियरिंग विंग को इसकी बहाली के लिए जांच करने का निर्देश दिया।
साल 1990 में वैष्णो देवी की पहाड़ी के पास एक अन्य पहाड़ी पर शंकराचार्य मंदिर को बनाने के लिए भवन का शिलान्यास हुआ था, लेकिन मामला कोर्ट में चले जाने के बाद काम अधर में ही लटका रह गया। अब एक फिर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड इसे बनाने के लिए एक्टिव हो गया है। ऐसे में लोगों को भी उम्मीद बंध गई है कि जल्द ही यहां पर श्रीनगर व अन्य राज्यों के जैसे शंकराचार्य मंदिर का निर्माण होगा।