श्रीनगर से शुरू हुई यात्रा का मुख्य उद्देश्य गोमाता, गंगा मैया की रक्षा और पर्यावरण की शुद्धि करना है। यात्रा के दौरान हर रात विश्राम स्थल पर गोमाता और सनातन धर्म के बारे में सत्संग के माध्यम से लोगों को प्रेरणा दी जाएगी।
नित्यानंद आश्रम मध्य प्रदेश और गुजरात के संत श्रीश्री 1008 अवधूत नर्मदानंद बापजी ने शुक्रवार को श्रीगनर स्थित शंकराचार्य पहाड़ी से राम जन्मभूमि अयोध्या के लिए पैदल यात्रा को रवाना किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गोमाता, गंगा मैया की रक्षा और पर्यावरण की शुद्धि करना है।
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यात्रा के दौरान हर रात विश्राम स्थल पर गोमाता और सनातन धर्म के बारे में सत्संग के माध्यम से लोगों को प्रेरणा दी जाएगी।
देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव के तहत 75 दिनों में 75 प्रमुख शहरों और गांवों को उन स्थानों या राज्यों के 75 क्रांतिकारी शहीदों के नाम जयघोष के साथ जोड़कर यात्रा आगे बढ़ेगी।
यह यात्रा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली होते हुए अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में पूरी होगी। 15 जनवरी, 2023 को यात्रा पूर्ण होगी।