पौनी/रियासी। कोटला से शिवखोड़ी गुफा तक केबल कार परियोजना के स्थान में बदलाव किए जाने की सूचना मिलने पर शुक्रवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को साथ लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान शिवखोड़ी धाम के आधार शिविर रनसू को पूर्ण रूप से बंद रखकर हड़ताल की गई। कोई दुकान नहीं खुली, और न ही यात्रियों को घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा मिली। इससे भगवान शिव के दर्शन को आए यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
पोराकोटला के सरपंच विजय कुमार और डीडीसी केवल कृष्ण शर्मा ने कहा कि वर्ष 2010 में कोटला से शिवगुफा तक केबल कार प्रोजेक्ट को अनुमति मिली थी। उसके बाद कई बार इसका सर्वे हुआ, जिसमें कोटला से ही प्रोजेक्ट बनाने पर जोर दिया गया। प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ ही लोगों की निजी भूमि का भी सर्वेक्षण हुआ, जिसमें जरूरी कागजात तैयार किए गए। लेकिन, अब कुछ दिन पहले ही आधार शिविर रनसू से केबल कार प्रोजेक्ट को शिवगुफा तक बनाने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि अगर रनसू बस अड्डे से केबल कार चलती है तो रनसू बाजार, शिवम द्वार से शिवगुफा तक का व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा। यही नहीं, घोड़ा, पिट्ठू व पालकी चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले दिहाड़ीदारों को भी इसकी मार झेलनी पड़ेेगी। दुकानदारों का व्यवसाय यात्रा पर निर्भर है। उस पर भी असर पड़ेगा। इस दौरान हड़ताल को सभी का पूरा सहयोग मिला। पूरी दुकानें बंद रहीं। वाहनों से शुल्क वसूलने वाला लॉरी अड्डा भी बंद था।
हड़ताल के चलते शिवखोड़ी आने वाले यात्री काफी परेशान रहे। बस अड्डे से रनसू तक का पूरा रास्ता सभी वर्ग के यात्रियों को पैदल ही तय करना पड़ा। हड़ताल पर बैठे प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह हड़ताल को जारी रखेंगे। इस दौरान सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी जाएगी। धरने के दौरान टाउन प्लान के मुद्दे को भी उठाया गया। कहा गया कि इसका प्रभाव रनसू, पोराजागीर तथा कोटला पर हो रहा है। लोग नवनिर्माण नहीं करवा रहे।
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फिलहाल रनसू से केबल कार प्रोजेक्ट शुरू करने का कोई निर्देश नहीं है। दो दिन पहले सभी को इस मामले पर बात करने के लिए बुलाया था, लेकिन कोई नहीं आया। प्रशासन से बात किए बिना हड़ताल शुरू कर दी है। मैंने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी है। जनप्रतिनिधि व ग्रामीण जब चाहे बात करने आ सकते हैं।
- नरेश कुमार, तहसीलदार, पौनी
रनसू में की गई हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते हुए ड़ीड़ीसी,सरपंच,पंच व स्थानीय लोग।- फोटो : REASI
वाहन नहीं मिलने के कारण बस अड़डे से अधार शिविर रनसू के लिए पैदल जाते हुए क्ष्रद्घालू।- फोटो : REASI