विधानसभा चुनाव में खर्च पर्यवेक्षकों की ओर से तैयार किए जाने वाले शेडो रजिस्टर उम्मीदवारों के पसीने छुड़ा सकते हैं। दरअसल चुनाव आयोग ने हर उम्मीदवार के चुनाव खर्र्च की सीमा 28 लाख रुपये तय की हुई है। इन्हें खर्च का हिसाब देने के लिए रजिस्टर भी दिया जाता है।
इस विधानसभा चुनाव में खासतौर से हर उम्मीदवार के खर्चे पर नजर रखने के लिए शेडो रजिस्टर तैयार किए जाएंगे। उम्मीदवार चुनाव खर्चे के रजिस्टर में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं। उम्मीदवार की ओर से आयोजित की गई रैली में लगाई गई कुर्सियों से लेकर शामियाने तक की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी।
खिलाने पिलाने के खर्च का आकलन कर वह भी शेडो रजिस्टर में दर्ज होगा। प्रत्याशी की ओर से जिला चुनाव अधिकारी को सौंपे जाने वाले रजिस्टर और शेडो रजिस्टर में अगर गड़बड़ी पाई गई जो इसकी जांच की जाएगी और चुनाव आचार संहिता के मामले दर्ज होंगे।
जिला चुनाव अधिकारी जम्मू अजीत कुमार साहू का कहना है कि शेडो रजिस्टर पर चुनाव मैदान पर उतरने वाले हर उम्मीदवार के खर्च का हिसाब चुनाव कार्यालय रखेगा। खर्च पर्यवेक्षक उम्मीदवार के रजिस्टर और शेडो रजिस्टर का मिलान करेंगे। गड़बड़ी पाए जाने पर जांच होगी और मामले दर्ज होंगे।