करीब सात महीनों बाद 21 भारतीय नागरिकों को पुंछ रावलाकोट बस में सवार होकर पीओके में बसे रिश्तेदारों के पास जाने का मौका मिला। इससे उन लोगों के चेहरे खिल गए हैं जिन्होंने लंबे समय से पीओके जाने के आवेदन किया हुआ है।
गौरतलब है कि सोमवार को पुंछ-रावलाकोट बस सेवा से भारत व पीओके के 76 लोग नियंत्रण रेखा के आरपार हुए। इस मौके पर अपनों से मिलने एवं अलग होने के दौरान कही खुशी थी तो कहीं आंख भर आई। सुबह करीब दस बजे नगर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम से पुंछ रावलाकोट बस चक्कां दा बाग की राह-ए-मिलन के लिए रवाना हुई।
इसमें 25 लोग सवार हुए जिनमें 21 भारतीय नागरिक पहली बार पीओके में बसे अपने रिश्तेदारों से मिलने को उस पार गए। चार पीओके के लोग भारत में बसे अपने रिश्तेदारों के पास एक महीना बिताकर वतन लौटे।
इस अवसर पर पीओके की तरफ से रावलाकोट पुंछ बस में सवार होकर 51 पीओके के लोग इस पार पहुंचे। सात महीने के बाद पहला अवसर है जब किसी भारतीय नागरिक को उस पार जाने का मोका मिला है। इससे पहले पाकिस्तान की तरफ से किसी भी भारतीय नागरिक को परमिट जारी नहीं किया गया था।