सांबा। ठंड के दिनों में कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी ज्यादा होती है। इसके चलते अक्सर आतंकवादी मैदानी इलाकों की ओर रुख कर के घुसपैठ करने की फिराक में रहते हैं। इसके लिए वह नए-नए हथकंडे अपनाते हैं। जिसे विफल करने के लिए सुरक्षा बल हमेशा मुस्तैद रहते हैं। हालांकि सांबा और हीरानगर सेक्टर में पहले भी कई बार आतंकियों ने घुसपैठ करके यहां के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम भी किया। इस कड़ी को आगे जोड़ते हुए बुधवार को सांबा पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। ताकि कोई सुरंग या आतंकियों की तरफ से कोई और रास्ता घुसपैठ के लिए न निकाला गया हो।
वर्ष 2012 में चचवाल गांव में पाकिस्तान द्वारा आई एक सुरंग को सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने ढूंढ कर पड़ोसी मुल्क से होने वाली घुसपैठ को नाकाम कर दिया, जिसके बाद आरएस पुरा सेक्टर और फिर रामगढ़ सब सेक्टर के बाबा चमलियाल पोस्ट के निकट आतंकियों ने सुरंग रास्ते ही घुसपैठ की थी, परंतु जवानों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और ऐसे कई तलाशी अभियान को सीमा के साथ लगे इलाकों में चलाया जाने लगा। अभियान में पुलिस के डीएसपी ऑपरेशन अरविंद कोतवाल डीएसपी हेडक्वार्टर तिलक राज भारद्वाज सहित सीमा सुरक्षा बल के कई अधिकारी मौजूद रहे।
एसएसपी शक्ति कुमार पाठक ने बताया कि पुलिस और बीएसएफ का संयुक्त तलाशी अभियान था जोकि लगातार जारी रहेगा