तहरीक-ए-हुर्रियत के नए चेयरमैन मोहम्मद अशरफ सेहरई के बेटे जुनैद के आतंकी बनने की सूचना ने अलगाववादियों के शीर्ष नेतृत्व को भी परेशानी में डाल दिया है। रविवार को हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के घर जमा हुए अलगाववादी नेताओं ने नए घटनाक्रम के संदर्भ में गहन मंथन किया।
बैठक में हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ चीफ यासीन मलिक भी मौजूद थे।सूत्रों के मुताबिक हुर्रियत(जी) के चेयरमैन गिलानी के हैदरपोरा स्थित घर पर बैठक में आगे की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
सेहरई के बेटे के आतंकी बनने से कश्मीरी अवाम में जाने वाले संदेश पर भी विचार किया गया। अलगाववादी अब तक कश्मीर को सियासी मुद्दा बताते रहे हैं। अलगाववादी कभी खुलकर आतंकवाद को जायज नहीं ठहराते हैं।
कश्मीर को विवादित मुद्दा बताकर आजादी की बात करने वाले ग्रुप के परिवार से किसी युवक के आतंकी बनने से नेतृत्व असमंजस में पड़ गया है। सेहरई के बेटे को वापस लौटने के लिए राजी करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
अलगाववादी नेतृत्व को लगता है कि जुनैद के आतंकी बनने का कश्मीरी अवाम में गलत संदेश जा सकता है और इसका असर आजादी के आंदोलन पर भी पड़ सकता है। जुनैद एमबीए है और एक ई-भुगतान कंपनी में नौकरी करता था।