जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी के पुराने अलगाववादी नेता अब्दुल गनी बट को सुरक्षा उपलब्ध करा दी है। केंद्र की पहल पर राज्य सरकार ने यह कदम घाटी के चुनिंदा अलगाववादी नेताओं की हत्या की साजिश रच रही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की योजना के पर्दाफाश के बाद उठाया है। इस खुफिया रिपोर्ट को गंभीरता से ले रही सुरक्षा एजेंसियां दूसरे अलगाववादी नेताओं के खतरे की भी समीक्षा कर रही है।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ही यह खबर छापी थी कि आईएसआई घाटी में अशांति और तनाव फैलाने के उद्देश्य से कमजोर पड़ रहे अलगाववादी नेताओं को निशाना बनाएगी। सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएसआईएस का झंडा लहराने वाले 12 लड़कों की भी पहचान की है। गृहमंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक आईएसआई घाटी में तनाव फैलाने के कई नए हथकंडों पर काम कर रहा है।
गौरतलब है कि अब्दुल गनी बट एकमात्र अलगाववादी नेता हैं जिनसे पीडीपी के नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बनने से पहले विचार विमर्श के लिए मिले थे। सूत्रों के मुताबिक आईएसआई को लग रहा है कि घाटी के अलगाववादी नेता उसके कश्मीर एजेंडों को पूरा करने में कारगर साबित नहीं हो रहे हैं।