सरकार के इस फैसले का पीडीपी ने स्वागत किया है, लेकिन यह भी गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इस महामारी के बीच बाहरी जेलों में बंद सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई की जाए।
पीडीपी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर को सोमवार को एमएलए हॉस्टल से रिहा कर दिया गया। साथ ही घर पर नजरबंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। नईम को पांच महीने के बाद एमएलए हॉस्टल से रिहा किया गया है।
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श्रीनगर के फर्स्ट क्लास एक्सक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने सोमवार को पीडीपी नेता नईम अख्तर को स्वास्थ्य संबंधित समस्या के आधार पर रिहा करने के आदेश जारी किए। आदेश की कॉपी में मजिस्ट्रेट ने कहा कि हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किये गए आदेश के बाद महामारी की स्थिति और कैदी की स्वास्थ्य संबंधित दी गई अर्जी को ध्यान में रखते हुए उन्हें एमएलए हॉस्टल से रिहा करने का फैसला लिया गया है।
मजिस्ट्रेट ने एसएचओ सदर को नईम अख्तर को एमएलए हॉस्टल से निकालकर उनके घर शिफ्ट करने को कहा। नईम अख्तर घर पर नजरबंद रहेंगे। अख्तर को अगस्त 2019 में पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में जून 2020 में उन्हें करीब 10 महीने बाद रिहा किया गया। लेकिन पिछले साल डीडीसी चुनाव की मतगणना से पूर्व उन्हें दिसंबर में फिर से गिरफ्तार किया गया और एमएलए हॉस्टल में रखा गया।
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पीडीपी ने नईम अख्तर की रिहाई के फैसले का स्वागत करते हुए सरकार से पार्टी के उपाध्यक्ष सरताज मदनी और युवा नेता वहीद उर रहमान पारा की भी रिहाई की मांग की। पार्टी जनरल सेक्रेटरी गुलाम नबी लोन हंजूरा ने कहा कि बाकी के नेताओं की भी रिहाई जल्द की जाए।