नवरात्र के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर चुकी पुलिस को नए सिरे से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी पड़ रही है। खासकर राजबाग पुलिस थाने और सांबा सैन्य कैंप में हुए आतंकी हमले को देखते हुए पुलिस कोई गुंजाइश नहीं छोड़ना चाह रही। ऐसे में एक तरफ जहां नाकेबंदी और गश्त को बढ़ा दिया गया है, वहीं पुलिस कर्मियों की संख्या में भी इजाफा किया जा रहा है।
जिला पुलिस ने बाकायदा संवेदनशील इलाकों में तैनात नफरी का ब्योरा लेकर उसमें जरूरत के अनुसार फेरबदल करना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा ध्यान भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों खासकर दरियाई नालों की निगरानी पर दिया जा रहा है। पाकिस्तानी घुसपैठ के संभावित रूटों पर जिला पुलिस पहले से ही नाके स्थापित कर चुकी है।
इसके अलावा रात की गश्त को भी सुनिश्चित किया गया है। अब सुरक्षा कर्मियों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है। पहले दौर में नफरी को बढ़ा दिया गया है। सुरक्षा प्रबंधों की नए सिरे से समीक्षा की पुष्टि करते हुए पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नवरात्र पर्व को लेकर पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
आतंकी हमले के बाद सुरक्षा मामलों की नए सिरे से समीक्षा की गई है। बड़ा कदम सुरक्षा कर्मियों की संख्या को बढ़ाने के रूप में लिया गया है। दरियाई नालों से लेकर संपर्क मार्गों, हाईवे और अन्य संवेदनशील इलाकों में नफरी सामान्य से कहीं अधिक की जा रही है। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
तीन संदिग्ध देखे जाने से हड़कंप
भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे हंदे चक गांव में देर रात तीन संदिग्ध देखे जाने की सूचना पर हड़कंप मच गया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने व्यापक तलाशी अभियान छेड़ दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार हीरानगर के हंदे चक इलाके में एक पूर्व सैनिक ने तीन संदिग्धों को देखा।
इसकी सूचना सुरक्षाबलों को दी गई, जिसके तुरंत बाद सेना की दो अलग-अलग यूनिटों तीन मद्रास और 16 डोगरा की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान छेड़ दिया। रात को छेड़े गए अभियान के तहत सड़क संपर्क से लेकर आबादी से सटे इलाकों को खंगाला गया। देर रात तक संदिग्धों का सुराग नहीं मिल पाया था।
वहीं, रविवार को हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। रविवार को ये संदिग्ध हरियाचक और महराजपुर इलाकों से पकड़े गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ की गई, लेकिन उनसे किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी नहीं मिल पाई।
चौबीस घंटे सक्रिय हुईं क्यूआरटी
सामान्यत: आपात स्थिति और रात के समय सक्रिय रहने वाली क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) को अब चौबीस घंटे हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। जम्मू-नई दिल्ली नेशनल हाईवे हो या फिर शहर के भीतरी इलाके। क्विक रिएक्शन टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध के दिखने अथवा आपात स्थिति बनते ही टीमाें को मौके पर पहुंचाया जा सके। आधा दर्जन के करीब क्यूआरटी इन दिनों लगातार हाई अलर्ट पर हैं।
लगा जैसे गोलियां चलने लगी
‘दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है।’ आतंकी हमले के बाद उपजे हालात में हर संदिग्ध आहट के बाद बदहवासी का आलम बन रहा है। कहीं संदिग्धों की आवाजाही पर पुलिस थाने और चौकियों के फोन की घंटियां घनघना रही हैं, तो कहीं बारात के दौरान आतिशबाजी से लोगों में दहशत बन रही है।
शनिवार की रात शहर से बिल्कुल सटे चन्नग्रां इलाके में पहले संदिग्ध देखे जाने की अफवाह ने लोगों को डरा दिया था और उसके बाद शादी समारोह के दौरान आतिशबाजी ने सुरक्षा बलों को सकते में डाल दिया। आनन-फानन में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई और छानबीन शुरू हो गई।
बाद में मामला अफवाह और आतिशबाजी के बाद की कयासबाजी का निकला। दरअसल, शहर से सटे मैदानी इलाकों में शनिवार को कहीं महामाई का जागरण चला तो कहीं पर शादी से जुड़ी आतिशबाजी हुई। शुक्रवार को राजबाग पुलिस थाने और शनिवार को सांबा सैन्य शिविर पर आतंकी हमले से पनपी दहशत से हर संदिग्ध आहट से लोग सहम रहे हैं।
शनिवार की रात को चन्नग्रां क्षेत्र में जैसे ही हड़कंप मचा तो लोगों ने अपने घरों की लाइटें तक बंद कर लीं। इस दौरान सुरक्षाबलों ने इलाके को खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी हमले के बाद लोगों में दहशत है। इस बीच लोग फौरन पुलिस को इत्तला दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मौके पर लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। पुलिस किसी भी सूचना को हल्के से नहीं ले सकती है।