राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल (जीएमसी) की इमरजेंसी में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने पर सोमवार को प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता, जिला प्रशासन, पुलिस और पीजी डाक्टरों और रजिस्ट्रारों के प्रतिनिधियों में माथापच्ची हुई।
पिछले दिनों तीमारदारों और डाक्टरों की झड़प में तीमारदारों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज होने और जूनियर डाक्टर तीन बार हो चुकी हड़ताल के बाद अस्पताल की इमरजेंसी में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने पर कई सुझाव सामने आए। प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता का कहना हैं कि जिला सैनिक बोर्ड से एक्स सर्विसमैन की सेवाओं प्रयोग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के अलावा पुलिस के जवानों को तैनात करने पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा गेट पास सुविधा शुरू करने के साथ माइक सिस्टम पर काम शुरू करने पर भी चर्चा हुई। इसमें इमरजेंसी के भीतर से मरीज संबंधी जानकारी माइक से बाहर दी जाएगी, ताकि तीमारदार को कोई दिक्कत न हो।
उनका कहना हैं कि चर्चा के बाद फैसले लिए गए हैं जिनको आने वाले दिनों में लागू किया जा सकता है ताकि जीएमसी में कामकाज बेहतर तरीके से हो और मारपीट के मामलों पर रोक लगाई जा सकें। बैठक में अतिरिक्त जिला उपायुक्त, पुलिस विभाग के अधिकारी, विभिन्न विभागों के एचओडी, पीजी डाक्टरों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।