सुरक्षाबलों द्वारा मारा गया आतंकी
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जम्मू-कश्मीर के शोपियां में शुक्रवार देर रात किलोरा गांव में मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी उमर नजीर मलिक उर्फ उमर मलिक मारा गया। मलिकगुंड गांव निवासी यह आतंकी अगस्त 2017 से सक्रिय था। हिंसा की आशंका में जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है।
इस एनकाउंटर के बाद घाटी में शुक्रवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों में तीन आतंकी मारे गए। इनमें दो लश्कर व एक हिजबुल का आतंकी था। मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हुआ है जबकि दो घायल हए हैं। मारे गए आतंकियों से हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं।
उत्तरी कश्मीर में बारामुला जिले के सोपोर के दुर्सू गांव में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स, एसओजी तथा सीआरपीएफ के जवानों ने वीरवार को देर रात घेराबंदी की। अंधेरा होने के चलते जनरेटर और फ्लड लाइट्स का इस्तेमाल किया गया। घेरा सख्त होता देख रात करीब साढ़े 12 बजे एक घर में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई। मकान में छिपे दो आतंकियों ने अंधेरे में भागने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि रात भर रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही। शुक्रवार की सुबह दोबारा मुठभेड़ शुरू हुई। दूसरी ओर से गोलीबारी थम गई तो दो आतंकियों के मारे जाने की खबर आई। इस बीच, जवानों ने जब शव की बरामदगी के लिए तलाशी अभियान चलाया तो एक आतंकी ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें 22 आरआर के सिपाही विजय कुमार, सिपाही रणजीत और एसओजी का जवान इरफान अहमद वानी घायल हो गए। तीनों घायलों को श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल शिफ्ट किया गया। डीजीपी एसपी वैद ने बताया कि अस्पताल में विजय कुमार ने दम तोड़ दिया। सोपोर में 12 घंटे चली मुठभेड़ में आतंकियों के मारे जाने के बाद हिंसा की आशंका में सोपोर के सभी स्कूल-कालेज बंद कर दिए गए थे।
पुलवामा में भड़की हिंसा
खुर्शीद के मारे जाने की खबर पहुंचते ही पुलवामा में हिंसा भड़क उठी। युवक सड़कों पर उतर आए और सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। काफी देर तक यहां पर स्थिति तनावपूर्ण रही।