पांपोर में पिछले दिनों करीब 48 घंटे चली भीषण आतंकी मुठभेड़ ने सुरक्षा के लिहाज से कश्मीर में पक्की इमारतों की सुरक्षा जायजा लेने के लिए सुरक्षा बलों को मजबूर कर दिया है। यहां खास तौर पर उन इमारतों को टटोला जा रहा है जो निजी हैं और सुरक्षा कवच में नहीं हैं। यह इमारतें आतंकियों के लिए लाभदायक न सिद्ध हों, इसके लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है।
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र पांपोर में 20 फरवरी को ईडीआई के बाहर सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद ईडीआई इमारत में भीषण मुठभेड़ चली थी। इसके बाद कश्मीर में बनी कंकरीट इमारतें सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो गई हैं। कश्मीर के राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य संवेदनशील इलाकों में बनी यह इमारतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।
कश्मीर में ऐसी इमारतें जो आतंकी हमलों को अंजाम देने या फिर हमलों के दौरान शरण लेने में प्रयोग में लाई सकती हैं, ऐसी इमारतों की जांच और जायजा सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। सभी ऐसी इमारतों की रेकी की जा रही है ताकि सुरक्षा एजेंसियों के पास इसका पूरा नक्शा रहे जो हमले को असफल बनाने में लाभदायक सिद्ध हो।