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J&K: पांपोर हमले के बाद नई रणनीति बनाने में जुटे सुरक्षा बल

Tue, 15 Mar 2016 03:06 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर

सार

  • श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र पांपोर में 20 फरवरी को ईडीआई के बाहर सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद ईडीआई इमारत में भीषण मुठभेड़ चली थी।
  • सभी ऐसी इमारतों की रेकी की जा रही है ताकि सुरक्षा एजेंसियों के पास इसका पूरा नक्शा रहे जो हमले को असफल बनाने में लाभदायक सिद्ध हो।
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पांपोर आंतकी हमला - फोटो : PTI
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विस्तार
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पांपोर में पिछले दिनों करीब 48 घंटे चली भीषण आतंकी मुठभेड़ ने सुरक्षा के लिहाज से कश्मीर में पक्की इमारतों की सुरक्षा जायजा लेने के लिए सुरक्षा बलों को मजबूर कर दिया है। यहां खास तौर पर उन इमारतों को टटोला जा रहा है जो निजी हैं और सुरक्षा कवच में नहीं हैं। यह इमारतें आतंकियों के लिए लाभदायक न सिद्ध हों, इसके लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है।
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श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र पांपोर में 20 फरवरी को ईडीआई के बाहर सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद ईडीआई इमारत में भीषण मुठभेड़ चली थी। इसके बाद कश्मीर में बनी कंकरीट इमारतें सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो गई हैं। कश्मीर के राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य संवेदनशील इलाकों में बनी यह इमारतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। 

कश्मीर में ऐसी इमारतें जो आतंकी हमलों को अंजाम देने या फिर हमलों के दौरान शरण लेने में प्रयोग में लाई सकती हैं, ऐसी इमारतों की जांच और जायजा सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। सभी ऐसी इमारतों की रेकी की जा रही है ताकि सुरक्षा एजेंसियों के पास इसका पूरा नक्शा रहे जो हमले को असफल बनाने में लाभदायक सिद्ध हो।
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कश्मीर की पक्की इमारतों का खाका हो रहा तैयार 

- फोटो : PTI
सीआरपीएफ के आईजी अतुल करवाल के अनुसार भविष्य के लिए इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की जा रही है। इस बात का भी आकलन किया जा रहा है कि किन जगह से आतंकी सुरक्षा बलों को निशाना बना सकते हैं। आतंकियों के खिलाफ लड़ने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की जाएगी। 

श्रीनगर के आसपास की सभी ऐसी इमारतों का पूरा खाका सुरक्षा बलों द्वारा जमा किया जा रहा है। पांपोर हमले को लेकर सुरक्षा बलों ने इस बात को कबूला है कि ईडीआई इमारत की मजबूती सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुई थी। 

आईजी सीआरपीएफ का यह भी कहना है कि आतंकियों ने सोच समझकर ऐसी इमारत में शरण ली होगी ताकि सुरक्षा बलों को ऑपरेशन को अंजाम देने में मुश्किल हो और मुश्किल आई भी। भविष्य में भी वह ऐसा कर सकते हैं इसकी भी आशंका है। 

गौरतलब है कि ईडीआई हमले में सुरक्षा बलों को मुठभेड़ के दौरान काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इसके दो मुख्य कारण हैं, एक हमले में प्रयोग में लाई गई इमारत की मजबूती और दूसरा इमारत की रेकी नहीं हुई थी। 
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