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स्वतंत्रता दिवस: 23 हजार जवान करेंगे रियासत की निगरानी

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आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। श्रीनगर शहर को छावनी में बदल दिया गया है। 23 हजार जवान कश्मीर घाटी की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं।
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आने-जाने वाले वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। मुख्य समारोह स्थल बख्शी स्टेडियम के आसपास तथा कुछ अन्य संवेदनशील स्थानों पर सेना के दस्ते भी गश्त कर रहे हैं।

इमारतों पर जवान तैनात कर दिए गए हैं और हवाई निगरानी करने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है और एलओसी समेत आईबी पर जवानों की गश्त बढ़ा दी गई है।

स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीर बंद का ऐलान

स्वतंत्रता दिवस समारोह में संभावित आतंकी हमलों के खतरों को देखते हुए राज्य में तैनात विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए हैं। बख्शी स्टेडियम की ओर जाने वाले सभी मार्गों को सील कर दिया गया है।

इसके भीतर जाने वाले रास्तों पर कंटीली तारों का जाल बिछाया गया है और वहां पहुंचने वाले सरकारी अफसरों की भी तलाशी ली जा रही है। कुछ इलाकों में सेना के विशेष दस्ते भी तैनात किए गए हैं।

राज्य पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों के कई आला अधिकारी खुद स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं। श्रीनगर ही नहीं, संभाग के दूसरे इलाकों में भी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।

अलगाववादी संगठनों की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीर बंद का ऐलान किया गया है।

युएवी से रखी जाएगी चप्पे-चप्पे पर नजर

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के प्रवक्ता किशोर प्रसाद के अनुसार आतंकियों पर निगरानी रखने के लिए यूएवी को आकाश में स्थापित किया गया है। इसका कार्य मुख्य समारोह स्थल बख्शी स्टेडियम के आस-पास निगरानी रखना रहेगा।

किसी भी आतंकी गतिविधियों का पता चलते ही वह उसकी जानकारी उपलब्ध करवाएगा, जिसके बाद सुरक्षा बल कार्रवाई कर सकेंगे। युएवी एक ऐसा यंत्र है, जिसे विशेष मौकों पर निगरानी के लिए आकाश में स्थापित किया जाता है।

हाल ही में संपन्न हुई अमरनाथ यात्रा के दौरान भी आतंकी खतरों को भांपते हुए निगरानी के लिए इस यंत्र को आकाश में स्थापित किया गया था। गत वर्ष केदारनाथ में हुई त्रासदी के बाद शवों को तलाशने में मानव रहित यान की मुख्य भूमिका थी।

श्रीनगर की ओर आने वाली सभी सड़कें सील

श्रीनगर में सीआरपीएफ प्रवक्ता किशोर प्रसाद के अनुसार, सीआरपीएफ के जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए राज्य पुलिस को पूरा सहयोग दिया है।

प्रसाद के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी घाटी में सीआरपीएफ के 15 हज़ार जवानों को तैनात किया गया है, जिनमें से 5 हज़ार जवान श्रीनगर शहर में तैनात हैं।

वहीं पुलिस के 8 हज़ार जवान पूरी घाटी में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाए गए हैं, जिनमें से 4200 जवान श्रीनगर शहर में तैनात हैं।

करीब 1000 से अधिक विशेष नाके लगाए गए हैं और श्रीनगर की ओर आने वाली सभी सड़कों को रात में ही सील कर दिया गया है। इसके अलावा कश्मीर की नियंत्रण रेखा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
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सुरक्षा के चलते बस स्टैंड खाली करवाया

जम्मू में स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बस स्टैंड खाली करवा दिया गया है। इसके साथ ही दुकानदारों तथा बस आपरेटरों को अपने आसपास नजर रखने के लिए कहा गया है। यही नहीं, बस स्टैंड में सीआरपीएफ भी तैनात की गई है।

आने जाने वाले यात्रियों के सामान की जांच की जा रही है। बस स्टैंड पुलिस ने भी सीसीटीवी कैमरों पर कड़ी निगरानी करनी शुरू कर दी है। बीसी रोड पर जमा होने वाले वाहनों को हटाया जा रहा है।

पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से बीसी रोड पर ज्यादा देर तक वाहनों को खड़े नहीं करने दिया जा रहा है। दूसरे राज्यों से आने वाली बसों को कुछ रास्तों पर जाने के लिए पाबंदी लगाई गई है।
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