आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने रोहिंग्याओं पर प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। रोहिंग्याओं के पास सिम होने की जानकारी पर पुलिस और गुप्तचर एजेंसियों ने सक्रियता बढ़ा दी है। बीते दिनों छन्नी रामा में गांजा के साथ पकड़ा गया म्यांमार निवासी उसकी बानगी मात्र है। रियासत भर में फैले तकरीबन साढ़े पांच हजार रोहिंग्याओं में से संदिग्धों को पुलिस ने चिह्नित किया हुआ है।
आपराधिक मामलों में इनकी मिलीभगत होने के बाद पुलिस उनके बारे में विस्तार से जांच कर रिकार्ड अपने पास रख रही है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घुसपैठिये वाले बयान के बाद रियासत में इनकी छवि और भी धूमिल हुई है। इसके बाद छन्नी रामा में पशुवध के बाद इलाके से इनका निकाला जाना और दूसरी जगह पर बसना लोगों के रोष को दर्शाता है। प्रदेश से बाहर निकाले जाने पर कोई सियासी दल अपना रुख साफ नहीं कर रहा है।
वहीं, केंद्र स्तर पर अपने खिलाफ लगातार बयानबाजी से अनभिज्ञ रियासत के रोहिंग्यां आपराधिक घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहे हैं। पशुवध, नशा तस्करी और फर्जी कागजात के आधार पर रोहिंग्याओं को रियासत में लाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इन तीनों मामलों में पुलिस ने कुछ रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया था। इसके बाद लगातार उन सभी पर नजर बनाई जा रही है।