जम्मू के सांबा के रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ जवान के शव के साथ की गई बर्बरता की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। अब तक नियंत्रण रेखा पर ही इस तरह की घटनाएं हुई हैं, लेकिन पहली बार इंटरनेशनल बॉर्डर पर यह घटना हुई।
जिसमें पाकिस्तान की बैट टीम के हाथ होने की बात सामने आ रही है। बॉर्डर पर बैट का सक्रिय होना एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। ऐसे में बीएसएफ की ओर से अब एसओपी (स्पेशल ऑपरेशन प्रोसीजर) पर अधिक ध्यान देने पर अमल होगा।
एलओसी पर बैट का खतरा सबसे अधिक रहता है। बॉर्डर पर क्योंकि फेंसिंग होती है तो बैट के लिए आसानी नहीं होती। इसके बावजूद बैट का हमला होना कई सवाल खड़े करता है।
पाकिस्तान बॉर्डर पर आमने-सामने की लड़ाई में बुरी तरह से पस्त हुआ है। पिछले तीन साल में जम्मू, सांबा, कठुआ के बॉर्डर पर जब-जब पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा है उसे बीएसएफ की तरफ से मुंहतोड़ जवाब दिया गया है।