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जम्मू-कश्मीर: कांग्रेस लड़ेगी निकाय और पंचायत चुनाव, प्रदेश अध्यक्ष ने की घोषणा

Thu, 20 Sep 2018 05:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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गुलाम अहमद मीर
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रियासत में होने जा रहे निकाय और पंचायत चुनाव में कांग्रेस हिस्सा लेगी। पार्टी के राज्य अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने श्रीनगर में एक प्रेसवार्ता में इसकी घोषणा की है। मीर ने कहा कि नई दिल्ली में पार्टी हाई कमान से मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है। उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की शर्तों पर आगामी चुनाव लड़ने का फैसला किया है। 

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मीर ने कहा कि कांग्रेस राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने की जिम्मेदारियों से भागना नहीं चाहती। यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं है, क्योंकि राज्य को अगले पांच वर्ष तक परिणाम भुगतना होगा। इसलिए कांग्रेस पार्टी सांप्रदायिक ताकतों को हराने और पूर्ण शक्ति से लड़ने के लिए अपनी सारी ऊर्जा का उपयोग करेगी, लेकिन मीर ने साथ ही यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने राज्यपाल के समक्ष उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने और शांतिपूर्ण माहौल बनाने की शर्तों को निर्धारित किया है।

उन्होंने कहा कि पहले हुए संसदीय चुनावों के कड़वे अनुभव को ध्यान में रखते हुए हमने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने, शांतिपूर्ण माहौल बनाने और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की शर्तों को उठाया है। कांग्रेस ने पहले भी राज्यपाल को सुरक्षा, खासकर घाटी में सुरक्षा को लेकर आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया था। हमने पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा के पास तीन बार अपने प्रतिनिधि मंडल भेजे, लेकिन उन्हें अभी तक संबोधित नहीं किया गया है।

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मीर ने यह भी कहा कि राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए राज्यपाल द्वारा आगे की स्थिति और वचनबद्धता का आकलन करेगा। अगर हमारी गवर्नर नेतृत्व प्रशासन अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहता है तो हमारी पार्टी कोई अन्य निर्णय लेने में संकोच नहीं करेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन लोकतांत्रिक संस्थानों में प्रवेश करने से आरएसएस, भाजपा को दूर रखने का प्रयास करेगी।

हम उन्हें अपनी योजनाओं में सफल होने की अनुमति नहीं देंगे जो नागपुर में बनती है। चुनावों में भाग लेने का उनका निर्णय कस्बों और शहरों के विकास के लिए फंड रिलीज और उनका उपयोग सुनिश्चित करेगा। इन चुनावों में देरी के परिणामस्वरूप केंद्र से कस्बों और नगरपालिका समितियों के विकास के लिए आने वाला फंड लैप्स हो गया है। इसलिए हम राज्य के विकास के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं। दूसरी तरफ मीर ने यह भी कहा कि पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर क्षेत्रीय राजनीतिक दलों द्वारा किया गया बहिष्कार सांप्रदायिक ताकतों के लिए मार्ग प्रशस्त करने की साजिश हो सकती है।

उन्होंने कहा कि चुनावों का सार निर्धारित होता है जब सभी पार्टियां भाग लेती हैं। वर्तमान में आधे दर्जन दलों ने चुनाव का बहिष्कार किया है। मुझे संदेह है कि सांप्रदायिक ताकतों के साथ सौदा करने के लिए उन्होंने षड्यंत्र रचा हो, ताकि वे जमीनी स्तर पर संस्थानों का प्रभार ले सकें, लेकिन हम उन्हें आरएसएस भाजपा सचिवालय या किसी भी जिला स्तर पर कार्यालयों में रहने का कोई मौका नहीं देना चाहते हैं। 35-ए को लेकर उन्होंने कहा कि हम इसकी रक्षा करेंगे। अगर कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए वोट दिया जाता है, तो हम राज्य के कानून के अनुसार सर्वसम्मति से सभी चुनौतियों का सामना करेंगे। हम अनुच्छेद 35-ए की हर हाल में रक्षा करेंगे।
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