शीतकालीन राजधानी जम्मू में अगले छह महीने के लिए खुलने वाला सचिवालय तीसरी आंख की जद में रहेगा। पहली बार सचिवालय के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
इसकी इंस्टालेशन का काम शुरू कर दिया गया है। उधमपुर में आतंकी हमले में शामिल लोगों के जम्मू के कई स्थानों पर रुकने को सुरक्षा में एक बड़ी चूक माना गया था।
इसे देखते हुए सचिवालय की सुरक्षा को मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। कैमरों के अलावा सुरक्षा बलों की संख्या में भी इजाफा किया गया है।
सचिवालय सुरक्षा के सीनियर सुपरिंटेंडेंट आफ पुलिस शमशीर हुसैन ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि सचिवालय के बाहर चारों ओर 70 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
सचिवालय के सभी तरफ के गेटों पर भी कैमरे रहेंगे। इन कैमरों के लिए सचिवालय में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सचिवालय में आम तौर पर सुरक्षा के लिए आर्म्ड की तीन कंपनियां रहती हैं।
एक कंपनी में 80 से 90 जवान रहते हैं। इस बार इन तीन कंपनियों के अलावा जिला पुलिस के जवानों की तैनात भी रहेगी। सीआरपीएफ और जिला पुलिस के जवानों को भी सुरक्षा के लिए लगाया जाएगा।
पिछली बार यहां तीन जवान ड्यूटी देते थे, इस बार पांच रहेंगे। एसएसपी का कहना है कि उधमपुर हमले के अलावा इस साल जम्मू, सांबा, कठुआ और अरनिया के कठार में आतंकी हमले हुए हैं।
देखा जाए तो यह आतंकी हमले जम्मू के पास हैं, इसलिए सचिवालय की सुरक्षा को कड़ा किया जा रहा है, ताकि सचिवालय को ऐसे किसी भी हमले से बचाया जा सके।
जम्मू संभाग में आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा को मजबूत किया गया है। अगले छह महीने के लिए शालामार चौक से डोगरा हाल की ओर जाने वाली सचिवालय रोड को बंद कर दिया जाएगा।
नौ नवंबर को जम्मू में सचिवालय खुलने का पहला दिन है। आठ नवंबर को रोड बंद कर दी जाएगी। इस रोड पर यातायात के साथ पैदल आवाजाही भी बंद रहेगी।