नेत्र विभाग के एचओडी डॉ. सतीश गुप्ता व आरथो विभाग के एचओडी डॉ. संजीव ने बताया कि कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रूटीन सर्जरी बंद है, लेकिन इमरजेंसी सर्जरी की जा रही है। जीएमसी एवं एसोसिएटेड अस्पतालों के विभिन्न विभागों में करीब सवा माह के दौरान 4 हजार से अधिक रूटीन ऑपरेशन नहीं हो पाए हैं।
कैंसर मरीजों का हो रही सर्जरी
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोरोना संकट के बावजूद कैंसर मरीजों का इलाज पहले की तरह हो रहा है। अनकोलाजी (कैंसर विभाग) के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि कैंसर मरीजों की सर्जरी की जा रही है। यूनिट में सभी 25 बेड फुल चल रहे हैं। चूंकि, कैंसर के मरीजों को तत्काल सर्जरी की आवश्यकता होती है। इस वजह से इसे रोका नहीं जा सकता है।
केस 1- उधमपुर के राजीव शर्मा (38) को गाल ब्लैडर में पत्थरी है। उनकी अप्रैल के अंत में जीएमसी में सर्जरी की जानी थी, लेकिन कोविड मामलों के कारण बंद की गई रूटीन सर्जरी से उनकी पत्थरी परेशान कर रही है। आर्थिक तौर से कमजोर होने के कारण वह निजी अस्पताल में भी सर्जरी करवाने में सक्षम नहीं हैं।
केस 2- जानीपुर निवासी रघुवीर दत्ता (60) की दाहिनी आंख का मोतियाबिंद का जीएमसी के नेत्र विभाग में आपरेशन किया जाना था, लेकिन रूटीन सर्जरी बंद होने से उनका मोतिया भी बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है जल्द रूटीन आपरेशन बहाल होंगे, जिससे वह सर्जरी करवा सकेंगे।
फिलहाल रूटीन सर्जरी का प्लान नहीं: प्रिंसिपल
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि कोविड मामलों को देखते हुए एसोसिएटेड अस्पतालों में अभी रूटीन सर्जरी बहाल करने की योजना नहीं है। कोविड मामलों की निगरानी की जा रही है और हालात सामान्य होने पर रूटीन सर्जरी और आपरेशन बहाल कर दिए जाएंगे।
जीएमसी में कितने ऑपरेशन लंबित
- सर्जरी विभाग- 444
- यूरोलॉजी विभाग- 370
- आर्थो विभाग -444
- नेत्र विभाग -1480