दोगुनी आय कमा रहे किसानों के खेतों की तकनीक दूसरे किसानों को दी जाएगी। पहले विवि के वैज्ञानिक खुद खेत में जाकर शोध करेंगे। उसके बाद दूसरे किसानों को तकनीक दी जाएगी। पहली बार कृषि विवि के वैज्ञानिक किसानों के खेतों में काम करेंगे। इससे पहले विवि में ही शोध किया जाता था। इसके बाद प्रदर्शनी, मेलों और सम्मेलनों के माध्यम से जानकारी दी जाती थी।
इसमें प्रगतिशील किसान भाग लेते थे। ये किसान तकनीक से खेती कर अपनी आय में इजाफा कर चुके हैं। अब विवि के वैज्ञानिक खुद खेतों में जाकर तकनीक देंगे। इससे किसानों की आय में इजाफा हो सकेगा। मई माह के बीच में बीजी जाने वाली धान की फसल पर काम होगा। प्रगतिशील किसानों से तकनीक ली जाएगी।
जम्मू संभाग से एक हजार किसानों को इस मुहिम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, किसानों को आधुनिक उपकरणों से खेती करने बारे भी प्रेरित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी से भी औजारों को मुहैया करवाया जाएगा। इससे किसान आसानी से खेती कर सकेंगे। खेतों में सिंचाई के महत्व बारे बताया जाएगा।
इरिगेशन विभाग के माध्यम से ट्यूबवेल भी लगाए जाएंगे। यूनिवर्सिटी के वीसी जेपी शर्मा ने भी यूनिवर्सिटी में चल रहे दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान किसानों और यूनिवर्सिटी दोनों मिलकर काम करने के निर्देश दिए है। वहीं, शोध निदेशक डा. जेपी शर्मा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी की जाएगी। इसके लिए अब किसानों के खेतों में जाकर तकनीक दी जाएगी। इससे किसान आधुनिक तकनीक से खेती करने के गुर सिख सकेंगे।