जम्मू-कश्मीर में ट्रैफिक नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी के कारण मासूमों की जान भी जोखिम में डाली जा रही है।
कभी दो पहिया चालकों तो कभी बड़े वाहन चालकों द्वारा, लेकिन जो सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है वह है निजी स्कूल के वैन चालकों द्वारा किया जाने वाला उल्लंघन।
सुबह के समय या फिर स्कूल की छुट्टी हो, स्कूलों के बाहर स्कूल वैनों की लंबी कतार देखने को मिलती है। यह वैन चालक सरेआम ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की नाक के नीचे नियमों का उल्लंघन करते नजर आते हैं।
छात्रों की जान खतरे से खाली नहीं
एक स्कूल वैन में दर्जन के करीब बच्चे ठूंसे जाते हैं और साथ ही वैनों की छतें छात्रों के बस्तों से लदी होती हैं। अगर गंभीरता से देखें तो यह वैन कभी भी किसी हादसे का सबब बन सकती हैं।
इस संबंध में एसएसपी ट्रैफिक (सिटी) हसीब-उर-रेहमान ने कहा कि यह काफी गंभीर विषय है और ऐसा होना स्कूली छात्रों की जान के लिए किसी खतरे से खाली नहीं है। यह जानलेवा भी सिद्ध हो सकता है।
हसीब के अनुसार उन्होंने पहले भी ऐसा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसा था और करीब 40 स्कूल वैनों को सीज किया था। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन को करीब हर रूट पर बस सेवा रखनी चाहिए।
शुरू की जाएगी विशेष ड्राइव
हसीब ने यह भी कहा कि इसमें जबतक स्कूल प्रशासन और अभिभावक साथ नहीं होंगे, तब तक इस पर काबू पाना मुश्किल है।
फिर भी आने वाले समय में इसके खिलाफ शीघ्र विशेष ड्राइव शुरू की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसा जाएगा ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जा सके।