श्रीनगर के लाल चौक में मुस्लिम उलेमाओं में जमकर प्रदर्शन किया है। उनका आरोप था कि धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर उन्हें आरएसएस सदस्यों द्वारा एकत्रित कर भाजपा के लिए वोट डालने को राजी करने की कोशिश की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। वहीं भाजपा प्रवक्ता खालिद जहांगीर ने ऐसे कार्यक्रम को सिरे से नकारा दिया।
श्रीनगर के लाल चौक इलाके में उस समय यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया, जब कई मुस्लिम उलेमा सड़कों पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन करने लगे। उनके अनुसार, आरएसएस के कुछ सदस्यों द्वारा उन्हें धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर धोखा दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन लोगों द्वारा उन्हें भाजपा के हक में वोट डालने के लिए राजी करने की कोशिश की गई। यह भी आश्वासन दिलाया कि अगर वह ऐसा करेंगे तो वह घाटी में शराब के धंधे पर रोक लगवाएंगे।
भाजपा को वोट देने के लिए राजी करवाने की कोशिश
राबिता आइमा मस्जिद जम्मू कश्मीर के जनरल सेक्रेटरी अंजुम आशिक हुसैन ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि श्रीनगर के स्थानीय लाला रुख होटल में मुस्लिम धार्मिक संगठन जमीयत उलेमाए हिंद की ओर से एक धार्मिक मजलिस का आयोजन किया गया है।
वह जैसे ही वहां पहुंचे तो उन्हें दरिया गंज के शुएब-उ-रेहमान नामी उलेमा ने बेह्शत-ए-समर नामी एक किताब भेंट की और हमें कश्मीर में शांति बनाए रखने को कहा। अपने प्रचार के बाद उस उलेमा द्वारा एक गैर-मुसलमान को हमसे रूबरू करवाया जो उनके अनुसार अमन और शांति का प्रचारक है।
जिन्होंने गुजरात और सहारनपुर जैसे दंगा पीडि़त जगहों पर मुसलमानों और हिंदुओं को करीब लाया। आशिक के अनुसार उसके भाषण से साफ था कि वह कश्मीरी जनता के दिलों में भाजपा की छाप छोड़ना चाहता है।
भाजापा ने आरोपों को नकारा
आशिक के अनुसार, वह वहां धार्मिक मजलिस के लिए एकत्रित हुए थे। इसलिए नहीं कि कोई उन्हें भाजपा को वोट डालने के लिए राजी करने की कोशिश कर सके।
इस सबसे गुस्सा होकर सभी उलेमाओं ने भाजपा विरोधी नारेबाजी की और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में किया।
भाजपा प्रवक्ता खालिद जहांगीर ने इसे सिरे से ही नकारा दिया। खालिद के अनुसार, उनका इस धार्मिक मजलिस के साथ कोई लेना-देना नहीं। अगर कोई भाजपा का नाम लेकर ऐसी हरकत करता है तो हम उसकी निंदा करते हैं।