सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर की जमीनी हकीकत के बारे में जानना चाहा है। शीर्ष अदालत ने सॉलिसिटर जनरल को वहां के मौजूदा हालात को लेकर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मालूम हो कि आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति का माहौल है। अदालत राज्य की पैंथर्स पार्टी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य में राज्यपाल शासन लगाने की गुहार लगाई गई है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का सवाल ही नहीं उठता है। पीठ ने नेशनल पैंथर्स पार्टी के प्रमुख एवं वरिष्ठ वकील भीम सिंह से सवाल किया कि आखिर इस मामले में कौन से मूल अधिकार का उल्लंघन हुआ है।
पीठ ने कहा कि स्थिति का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश न की जाए। हम जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाने का निर्देश नहीं दे सकते। पीठ ने कहा कि ऐसे किसी व्यक्ति को लाइए जिनके मूल अधिकार का उल्लंघन हुआ हो।