हुर्रियत के ईदगाह चलो मार्च को भी सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। कर्फ्यू तोड़कर ईदगाह जाने की कोशिश में हुर्रियत (जी) प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी और हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक को सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया।
इसके बाद भी घाटी के कई क्षेत्रों में हिंसक प्रदर्शन हुए। सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए। शोपियां के श्रीमाल में प्रदर्शनकारियों ने पशुपालन विभाग के गोदाम को फूंक दिया। पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हमले किए गए। कुपवाड़ा में फायरिंग करनी पड़ी।
हिंसक प्रदर्शनों में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। श्रीनगर में यूएन दफ्तर पर प्रदर्शन करने जा रहे लोगों को सुरक्षा बलों ने रोक दिया।
पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हमला
सुरक्षा बलों को करनी पड़ी फायरिंग
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कुपवाड़ा के मुंशी गांव में भीड़ ने सुरक्षा बलों के जवानों पर भारी पथराव किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद भी स्थिति नहीं संभली तो फायरिंग करनी पड़ी। इसमें तीन युवा घायल हो गए।
कुलिगाम, लालपोरा, लोलाब व त्रेहगाम तथा सोपोर शहर में भी प्रदर्शन हुए। बांदीपोरा में जामिया मस्जिद के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुए। यहां भी पथराव कर रही भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।
श्रीनगर के पुराने शहर में भी कई स्थानों पर झड़पें हुईं। डल गेट, सोनावर और आस पास के लोगों ने यूएन दफ्तर पर प्रदर्शन करने के लिए मार्च निकाला, लेकिन सुरक्षा बलों ने यूएन दफ्तर से पहले ही उन्हें रोक लिया। इस पर सुरक्षा बलों पर पथराव किया जाने लगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के तहाब इलाके में भीड़ ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया। यहां मस्जिदों से एलान के बाद लगभग 20 गांव के लोग जुलूस की शक्ल में निकले। बीती रात अनंतनाग, कुलगाम के साथ ही कुछ इलाकों में लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया।
उधर, मोबाइल इंटरनेट तथा रेल सेवा पूरी तरह ठप है। अलगाववादियों के बंद के आह्वान से जनजीवन प्रभावित है। बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से घाटी में नौ जुलाई से ही हिंसा हो रही है। इस बीच अलगाववादियों ने बंद को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है।
राजनाथ ने महबूबा से की बात
सीएम और गवर्नर के साथ चर्चा करते गृहमंत्री
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से फोन पर बात कर घाटी के हालात की जानकारी ली।
उन्होंने घाटी के हालात, माहौल तथा सुरक्षा बलों की कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर बात की। हालांकि, बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक नहीं हो सका है, लेकिन माना जा रहा है कि बुरहान वानी एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए बयान पर भी बात हुई।
ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह गृह मंत्री दो दिनों तक घाटी में रहकर विभिन्न वर्ग के लोगों से मिले थे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री से भी हालात पर चर्चा की थी। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की थी।