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सैनिटाइजेशन न साफ-सफाई, एक तरफ क्वारंटीन सेंटर दूसरी ओर खोल दिए स्कूल

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बाहू फोर्ट स्कूल के अंदर क्वारंटीन सेंटर में आते लोग।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों को एसओपी का पालन करते हुए खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह साफ था कि रोजाना स्कूल खुलने से पहले पूरा परिसर, सभी कक्षाएं, प्रैक्टिकल लैब और बाथरूम को सैनिटाइज कराया जाएगा। लेकिन इन्हें हर दिन सैनिटाइज करना तो दूर, क्वारंटीन सेंटर बनाए गए स्कूलों को पहले दिन भी सैनिटाइज नहीं कराया गया। वहीं शहर में ऐसे भी स्कूल हैं, जहां क्वारंटीन सेंटर भी चल रहा और स्कूल भी खोल दिया गया है।
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जम्मू के गवर्नमेंट हाई स्कूल चौआदी व गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बाहु फोर्ट दो ऐसे स्कूल हैं, जहां क्वारंटीन सेंटर भी चल रहे हैं और स्कूल भी खोल दिया गया है। स्कूल के शिक्षकों व स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब क्वारंटीन सेंटर चलाया जा रहा है तो स्कूल कैसे खोला जा सकता है। वहीं यहां सैनिटाइजेशन भी नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र के कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों को सैनिटाइज करना तो दूर छह महीने से बंद पड़े स्कूलों की साफ-सफाई तक नहीं करवाई गई है, ऐसे में कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, कई ग्रामीण इलाकों में स्कूलों के बाहर कचरे के ढेर लगे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी उसे साफ तक नहीं करवाया जा रहा है।
ग्राउंड स्तर पर जाकर नहीं की गई जांच
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोरोना से बचाव के लिए बड़े-बडे़ दावे तो किए, लेकिन एक भी अधिकारी ने ग्राउंड स्तर पर जाकर इसकी जांच नहीं की। शिक्षकों और विद्यार्थियों को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन ठीक तरह से हुआ भी है या नहीं, इससे किसी भी अधिकारी को कोई मतलब तक नहीं है। स्कूलों के अध्यापकों की शिकायत के बाद भी विभाग चुप्पी साधे बैठा हुआ है।
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साफ-सफाई न होने से शिक्षकों के जीवन को खतरे में डाला जा रहा है। विभाग से अपील है कि स्कूलों को खोलने का फैसला वापस लिया जाए। ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करना ही इस समय सही फैसला है।
-विजय कुमार, जेके गवर्नमेंट लेक्चरर/ गवर्नमेंट टीचर्स फोरम
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सरकार को चाहिए सबसे पहले वह विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करे। स्कूलों को पूरी तरह से सैनिटाइज करवाना इस समय बेहद ही जरूरी है। जिन स्कूलों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं वहां पर शिक्षकों को बुलाकर उनका जीवन खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए।
-गणेश खजूरिया, जेके टीचर्स फोरम
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ऐसा कोई भी स्कूल नहीं है जहां पर स्कूल खोलने के बाद भी क्वारंटीन सेंटर चल रहे हैं। कुछ स्कूलों में क्वारंटीन सेंटर बने थे पर उन्हें हटाकर पूरी तरह से सैनिटाइज करवाने के बाद ही उन स्कूलों को खोला गया है। इसकी पूरी जिम्मेदारी सीईओ, जेडईओ और स्कूल के हेडमास्टरों को दी गई थी कि वह पूरी तरह स्कूल परिसर की साफ-सफाई करवाएं और उन्हें सैनिटाइज कराएं। बाहु फोर्ट स्कूल में क्वारंटीन सेंटर नहीं बनाया गया था बल्कि पुलिस का कुछ सामान वहां रखा गया है। विभाग द्वारा किसी भी तरह से शिक्षकों के जीवन के साथ कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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-अनुराधा गुप्ता, निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग
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