उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के रेजिडेंट कमीशन द्वारा शुरू की गई विभिन्न नई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा हेलो जेएंडके भी लॉन्च किया। उपराज्यपाल ने कहा कि यह उत्सव एक जीवंत प्रदर्शनी है जो जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की सांस्कृतिक कलात्मक विरासत, व्यंजन, कृषि और हस्तशिल्प उत्पादों का प्रतिनिधित्व करेगी।एलजी ने कहा कि संभव उत्सव ने जम्मू-कश्मीर के भविष्य पर भी प्रकाश डाला है जो विकसित भारत में योगदान देने के लिए तैयार है। यह प्राचीन विरासत को पुनर्जीवित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित करने के हमारे संकल्प को दोहराने का एक आदर्श अवसर है।
अपने संबोधन के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में जम्मू-कश्मीर में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेश में समग्र स्थिति में महत्वपूर्ण विकास और सुधार देखने को मिला है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद सकारात्मक बदलाव हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर शांति, समृद्धि और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है। प्रगति का एक उल्लेखनीय उदाहरण पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि है, जो दैनिक आधार पर बढ़ती जा रही है।
मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के बारे में कुछ तत्वों द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचनाओं पर भी बात की। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि इन समूहों का समर्थन करने या शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वास्तविकता यह कि प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन और प्रगति हो रही है।
एक सवाल के जवाब में, एलजी सिन्हा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पहाड़ियों को आरक्षण प्रदान करने का उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा के समाज में एकीकृत करना है, जिससे उनके प्रयासों का उपयोग राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में किया जा सके।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एक पहल है जिसका उद्देश्य उन लोगों को शामिल करना है जो पिछले वर्षों में पीछे रह गए थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका हो और वह विकसित भारत के विकास में योगदान दे सके।