-सांबा के बैनगलाड़ का स्वास्थ्य केंद्र ढाई साल से हो रहा उपेक्षा का शिकार
-एक कमरे दवाइयां, इसी में बैठते हैं डाॅक्टर और आते हैं मरीज
-पुरानी इमारत के पास और जगह लेकर बननी है नई इमारत
सांबा। पीएचसी बैनगलाड़ की इमारत असुरक्षित होने पर ढाई साल पहले पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया। मगर पंचायत घर में कम कमरे होने पर सामान तक रखने में परेशानी बनी हुई है।
स्थानीय पूर्व सरंपच राम पाल शर्मा, स्थानीय निवासी कमलजीत चौधरी, राधिका शर्मा और सुरिंदर सिंह ने कहा कि उनके गांव में गत 50 साल पहले बनाई गई स्वास्थ्य केंद्र की इमारत गिरने के कगार पर पहुंच गई थी। लोक निर्माण विभाग ने इमारत को असुरक्षित घोषित कर पीएचसी का सामान पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया। ढाई साल से स्वास्थ्य केंद्र एक ही कमरे में चल रहा है। वहां पर ही दवा, सामान व मरीजों की जांच की जा रही है। कमरों की कमी के चलते कुछ सामान पंगदौर के स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन के साथ विधायक को समस्या से अवगत करवाया है। विधायक ने उन्हें आश्वासन दिलाया है कि कैपेक्स बजट में योजना बनाकर भेजी है। फंड उपलब्ध होने पर इमारत का काम शुरू करवा दिया जाएगा।
कोट
राजस्व विभाग ने चार कनाल भूमि स्वास्थ्य विभाग की नाम कर दी है। अब फंड पर ही निर्भर है। पीएचसी के निकट ही एक कम्युनिटी केंद्र है, वह मिल जाए तो जब तक इमारत नहीं बनती है वहां पर पीएचसी का अच्छा काम चल सकता है। उन्होंने स्थानीय लोगों को कहा है कि इमारत को यदि स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाए तो मरीजों के साथ आम लोगों को भी राहत मिलेगी।
- डॉ. ऋचा, बीएमओ नड सांबा
सांबा। स्वास्थ्य केंद्र की समस्या सुरेंदर सिंह