सांबा। अतिरिक्त मोबाइल मजिस्ट्रेट सांबा की अदालत ने एक सड़क दुर्घटना मामले में हस्तक्षेप करते हुए विजयपुर पुलिस को तत्काल मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश रजनी देवी की ओर से दायर उस आवेदन पर पारित किया गया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि 10 अक्टूबर 2025 को उनके पति राम लाल को एक कार चालक ने तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
आवेदन में कहा गया कि राम लाल नंदपुर से विजयपुर की ओर जा रहा था तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। हादसे में राम लाल को गंभीर चोटें आईं जिनमें कंधे की हड्डी का फ्रैक्चर भी शामिल है। घायल को पहले सरकारी आपातकालीन अस्पताल विजयपुर ले जाया गया जहां से हालत नाजुक होने पर एम्स विजयपुर रेफर किया गया। वर्तमान में उनका वहां उपचार चल रहा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार घटना के बाद उन्होंने एसएचओ विजयपुर और एसएसपी सांबा को लिखित शिकायत भेजी थी लेकिन मामला दर्ज न होने के कारण उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि संज्ञानीय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस के लिए मामला दर्ज करना अनिवार्य है और ऐसी स्थिति में प्रारंभिक जांच का औचित्य नहीं बनता।
न्यायिक अधिकारी राशी वर्मा ने एसएचओ विजयपुर को निर्देश दिया कि शिकायत में दर्ज तथ्यों के आधार पर तुरंत मामला दर्ज किया जाए और नियमानुसार जांच प्रक्रिया शुरू की जाए। अदालत ने कहा कि शिकायत स्पष्ट रूप से संज्ञानीय अपराध को दर्शाती है इसलिए कानूनन मामला दर्ज करना आवश्यक है। आदेश की प्रति अनुपालन के लिए एसएचओ विजयपुर को भेजने के निर्देश भी जारी किए गए। संवाद