आरोप बेहद गंभीर, जांच अभी जारी है इसलिए इस समय जमानत देना उचित नहीं : एडिशनल सेशंस जज
सांबा। एडिशनल सेशंस जज सांबा ने बाड़ी ब्राह्मणा में विश्वविद्यालय छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार सेना कर्मी अनूप एम की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और जांच अभी जारी है इसलिए इस समय जमानत देना उचित नहीं होगा।
आरोपी वर्तमान में सेना की बटालियन में तैनात है। उसकी ओर से दलील दी गई है कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। घटना दिनदहाड़े हुई बताई गई है और एफआईआर देर से दर्ज की गई। इससे घटना पर संदेह होता है। बचाव पक्ष ने कई अदालतों के फैसलों का हवाला देकर जमानत की मांग की। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि पीड़िता आरोपी को पहले से नहीं जानती थी और पहचान सीसीटीवी और डिजिटल भुगतान के आधार पर हुई है। इस तरह के मामलों में एफआईआर में देरी होना आम बात है और पीड़िता ने बयान में पूरी घटना स्पष्ट रूप से बताई है।
अदालत ने आदेश में कहा कि पीड़िता एक छात्रा है और वारदात तब हुई जब वह अकेली घर लौट रही थी। बयान से पता चलता है कि हमला अचानक और कुछ ही मिनटों में हुआ। जज ने कहा कि आरोपी एक सेना कर्मचारी है जिसे अधिक जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए लेकिन वर्तमान सामग्री उसके शामिल होने की ओर संकेत करती है। मामले की संवेदनशीलता पीड़िता की सुरक्षा और लंबित मेडिकल रिपोर्ट को देखते हुए अभी जमानत देना उचित नहीं है।