पीडब्ल्यूडी नहीं करवा सकता गली-नाली का निर्माण
पल्ली को आदर्श ग्राम बनाने के लिए गली और नालियों को नए सिरे से बनाया जाना है। प्रधानमंत्री दौरे पर गली-नाली कायाकल्प के लिए 1.77 करोड़ रुपये का टेंडर लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया। आनन फानन में जारी किए गए टेंडर को बाद में इसलिए रोक दिया गया क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की गली और नाली का निर्माण पीडब्ल्यूडी नहीं करवा सकता। दूसरे टेंडर के तहत हेलीपैड का निर्माण और पंचायत के घर भीतर व बाहर टाइल लगाने का काम पूरा कर लिया गया है।
निर्धारित समय में काम पूरा करने के लिए दो टेंडर किए गए थे। पल्ली मॉडल विलेज के तहत दो टेंडर जारी हुए थे, जिनमें से एक का काम पूरा हो गया है। दूसरे टेंडर को अब लोक निर्माण विभाग की जगह कोई अन्य एजेंसी कर सकती है। - अनिल गुप्ता, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग
अलग नहीं हुआ सूखा-गीला कचरा
प्रधानमंत्री ने ग्राम सभा कर पंचायती नुमाइंदों को सूखा और गीला कचरा अलग करने पर जोर दिया था। अभी तक इसकी व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। डंपिंग स्टेशन का काम चल रहा है। सरपंच रणधीर शर्मा का कहना है कि डंपिंग स्टेशन लगभग तैयार है। जल्द ही डोर टू डोर कचरे को उठाकर डंपिंग स्टेशन में डाला जाएगा
कंप्यूटर कक्षा, लाइब्रेरी पर काम शुरू
पल्ली में निजी कंपनी द्वारा कंप्यूटर कक्षा और लाइब्रेरी खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। गांव में युवाओं को लेकर सर्वे किया जा रहा है। उसी हिसाब से लाइब्रेरी और कंप्यूटर कक्षा तय की जाएगी। इसमें बच्चों को कंप्यूटर समेत अन्य जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।