कर्मचारी बोले, फिलहाल जारी रहेगा संघर्ष
उप राज्यपाल ने कहा कि मैं देर से आया, यह सच है। मैं उसी दिन आ रहा था। सुबह भट जी की बहन और उनके बहनोई से मेरी मुलाकात हुई थी। मुझे बताया गया था कि एक प्रतिनिधिमंडल मिलने वाला है, लेकिन बाद में मुझे कहा गया कि नहीं, लोग चाहते हैं कि वहीं आएं। आप सभी लोग सरकारी मुलाजिम हैं। हमने सूचना भेजी थी कि धरने से अपने कैंप में चलिए, मैं आपसे आकर मिलूंगा। मैं जब लौटकर आया तो मुझे सूचना दी गई कि आपका धरना अभी खत्म नहीं हुआ है। फिर मेरी एक बैठक थी, जिसमें मैं चला गया।
बैठक से आने के बाद रात को मुझे जानकारी मिली कि आप लोग कैंप में आ गए। फिर मुझे बाहर जाना पड़ा। आने के बाद मैंने कोशिश की तो यह पता चला कि दसवां है। हमारा कोई भी मुलाजिम मरता है तो वहां जाना हमारा दायित्व है। एलजी ने प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को आश्वासन दिलाया कि परसों जम्मू से लौटने के बाद वो उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे और बैठ कर उनकी सुनवाई करेंगे। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
एलजी के वहां से निकलने पर उन्होंने नारेबाजी की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार, डिविजनल कमिश्नर पीके पोल के अलावा अन्य प्रशासनिक और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले उप राज्यपाल के पहुंचने पर वंदे मातरम, हर हर महादेव, भारत माता की जय और वी वांट जस्टिस के नारे लगे। सबसे पहले राहुल भट को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।