समग्र शिक्षा अभियान के तहत वित्त वर्ष 2021-22 में स्कूलों के विकास के लिए खाका तैयार किया गया है। इसमें स्कूल के बुनियादी विकास से लेकर बच्चों को उपलब्ध करवाई जाने वाली सुविधाओं के लिए विस्तृत बजट प्लान बनाया गया है।
समग्र शिक्षा अब यह बजट प्लान जून में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ होने वाली बैठक में पेश करेगा। इसके आधार पर वार्षिक बजट मिलेगा। कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार तीन हजार करोड़ रुपये के करीब बजट मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें-
जानिए पीएम मोदी ने क्यों कहा: जम्मू-कश्मीर के लिए खास है 25 मार्च, देखिए ये तस्वीरें
समग्र शिक्षा परियोजना की बैठक में केंद्र के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले बजट प्रस्ताव को तैयार किया गया। इसमें स्कूलों की स्थिति में सुधार, नामांकन अनुपात में सुधार, स्मार्ट क्लासेज सहित अन्य कार्य के लिए बजट रखा है।
समग्र शिक्षा अब इस प्रस्ताव को केंद्र के समक्ष पेशा करेगा, जिसके बाद केंद्र समग्र शिक्षा के लिए बजट जार करेगा। समग्र शिक्षा की हर वर्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ बैठक होती है, जिसमें सभी राज्य भाग लेते हैं। केंद्र सरकार राज्य के प्रस्ताव के आधार पर बजट जारी करता है।